8 अक्टूबर 2027 को पुरी का चौघड़िया

शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027, पुरी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027 को पुरी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (06:28 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (07:14 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 17:29 पर है। राहुकाल 10:05 से 11:34 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 17:29
रात 05:39 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:39 – 07:07सामान्य
लाभ07:07 – 08:36शुभ
अमृत08:36 – 10:05शुभ
काल10:05 – 11:34टालें
शुभ11:34 – 13:03शुभ
रोग13:03 – 14:31टालें
उद्वेग14:31 – 16:00टालें
चर16:00 – 17:29सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:29 – 19:00टालें
काल19:00 – 20:31टालें
लाभ20:31 – 22:03शुभ
उद्वेग22:03 – 23:34टालें
शुभ23:34 – 01:05शुभ
अमृत01:05 – 02:36शुभ
चर02:36 – 04:08सामान्य
रोग04:08 – 05:39टालें

8 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 06:28 तक
शुक्ल नवमी 09:02, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 10:18, 9 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 12:52 तक
सुकर्मा 13:52, 9 अक्टू॰ तक
करण
बव 06:28 तक
बालव 19:43 तक
कौलव 09:02, 9 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 13:59 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
17:29
चंद्रोदय
12:58
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:01 – 04:50
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:57

अशुभ समय

राहुकाल
10:05 – 11:34
यमगंड
14:31 – 16:00
गुलिक काल
07:07 – 08:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3906:38दिन
बुध06:3807:37दिन
चंद्र07:3708:36दिन
शनि08:3609:35दिन
गुरु09:3510:35दिन
मंगल10:3511:34दिन
सूर्य11:3412:33दिन
शुक्र12:3313:32दिन
बुध13:3214:31दिन
चंद्र14:3115:30दिन
शनि15:3016:30दिन
गुरु16:3017:29दिन
मंगल17:2918:30रात
सूर्य18:3019:31रात
शुक्र19:3120:31रात
बुध20:3121:32रात
चंद्र21:3222:33रात
शनि22:3323:34रात
गुरु23:3400:35रात
मंगल00:3501:36रात
सूर्य01:3602:36रात
शुक्र02:3603:37रात
बुध03:3704:38रात
चंद्र04:3805:39रात

अयनांश 24.2449° (लाहिड़ी)। समय पुरी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।