5 मार्च 2028 को पुरी का चौघड़िया

रविवार, 5 मार्च 2028, पुरी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 5 मार्च 2028 को पुरी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (00:55, 6 मार्च तक), नक्षत्र मृगशिरा (20:00 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 16:24 से 17:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 17:53
रात 06:02 तक
तिथि
नवमी, 00:55 तक
दशमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 20:00 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:03 – 07:31टालें
चर07:31 – 09:00सामान्य
लाभ09:00 – 10:29शुभ
अमृत10:29 – 11:58शुभ
काल11:58 – 13:27टालें
शुभ13:27 – 14:55शुभ
रोग14:55 – 16:24टालें
उद्वेग16:24 – 17:53टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:53 – 19:24शुभ
अमृत19:24 – 20:55शुभ
चर20:55 – 22:26सामान्य
रोग22:26 – 23:57टालें
काल23:57 – 01:28टालें
लाभ01:28 – 03:00शुभ
उद्वेग03:00 – 04:31टालें
शुभ04:31 – 06:02शुभ

5 मार्च 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल नवमी 00:55, 6 मार्च तक
शुक्ल दशमी 23:01, 6 मार्च तक
नक्षत्र
आर्द्रा 18:55, 6 मार्च तक
योग
प्रीति 17:54 तक
आयुष्मान 15:21, 6 मार्च तक
करण
बालव 13:38 तक
कौलव 00:55, 6 मार्च तक
तैतिल 12:03, 6 मार्च तक
चंद्र राशि
वृषभ 08:18 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
11:55
चंद्रास्त
00:50
दिनमान
11h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
16:24 – 17:53
यमगंड
11:58 – 13:27
गुलिक काल
14:55 – 16:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0307:02दिन
शुक्र07:0208:01दिन
बुध08:0109:00दिन
चंद्र09:0009:59दिन
शनि09:5910:59दिन
गुरु10:5911:58दिन
मंगल11:5812:57दिन
सूर्य12:5713:56दिन
शुक्र13:5614:55दिन
बुध14:5515:54दिन
चंद्र15:5416:54दिन
शनि16:5417:53दिन
गुरु17:5318:54रात
मंगल18:5419:54रात
सूर्य19:5420:55रात
शुक्र20:5521:56रात
बुध21:5622:57रात
चंद्र22:5723:57रात
शनि23:5700:58रात
गुरु00:5801:59रात
मंगल01:5903:00रात
सूर्य03:0004:00रात
शुक्र04:0005:01रात
बुध05:0106:02रात

अयनांश 24.2506° (लाहिड़ी)। समय पुरी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।