17 जनवरी 2025 को पूर्णिया का चौघड़िया

शुक्रवार, 17 जनवरी 2025, पूर्णिया, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 17 जनवरी 2025 को पूर्णिया में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (05:30, 18 जन॰ तक), नक्षत्र मघा (12:45 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 17:12 पर है। राहुकाल 10:29 से 11:50 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 17:12
रात 06:28 तक
तिथि
चतुर्थी, 05:30 तक
पंचमी
नक्षत्र
मघा, 12:45 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:28 – 07:48सामान्य
लाभ07:48 – 09:09शुभ
अमृत09:09 – 10:29शुभ
काल10:29 – 11:50टालें
शुभ11:50 – 13:10शुभ
रोग13:10 – 14:31टालें
उद्वेग14:31 – 15:51टालें
चर15:51 – 17:12सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:12 – 18:51टालें
काल18:51 – 20:31टालें
लाभ20:31 – 22:10शुभ
उद्वेग22:10 – 23:50टालें
शुभ23:50 – 01:29शुभ
अमृत01:29 – 03:09शुभ
चर03:09 – 04:48सामान्य
रोग04:48 – 06:28टालें

17 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 05:30, 18 जन॰ तक
कृष्ण पंचमी 07:31, 19 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 12:45 तक
योग
सौभाग्य 00:56, 18 जन॰ तक
शोभन 01:15, 19 जन॰ तक
करण
बव 16:43 तक
बालव 05:30, 18 जन॰ तक
कौलव 18:26, 18 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
17:12
चंद्रोदय
20:28
चंद्रास्त
08:47
दिनमान
10h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:35
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:11

अशुभ समय

राहुकाल
10:29 – 11:50
यमगंड
14:31 – 15:51
गुलिक काल
07:48 – 09:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2807:21दिन
बुध07:2108:15दिन
चंद्र08:1509:09दिन
शनि09:0910:02दिन
गुरु10:0210:56दिन
मंगल10:5611:50दिन
सूर्य11:5012:43दिन
शुक्र12:4313:37दिन
बुध13:3714:31दिन
चंद्र14:3115:24दिन
शनि15:2416:18दिन
गुरु16:1817:12दिन
मंगल17:1218:18रात
सूर्य18:1819:24रात
शुक्र19:2420:31रात
बुध20:3121:37रात
चंद्र21:3722:43रात
शनि22:4323:50रात
गुरु23:5000:56रात
मंगल00:5602:02रात
सूर्य02:0203:09रात
शुक्र03:0904:15रात
बुध04:1505:21रात
चंद्र05:2106:28रात

अयनांश 24.2069° (लाहिड़ी)। समय पूर्णिया (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।