29 जनवरी 2025 को पुरुलिया का चौघड़िया

बुधवार, 29 जनवरी 2025, पुरुलिया, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 29 जनवरी 2025 को पुरुलिया में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (18:06 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (08:20 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:25 पर और सूर्यास्त 17:29 पर है। राहुकाल 11:57 से 13:20 तक है।

दिन और रात
दिन 06:25 – 17:29
रात 06:25 तक
तिथि
अमावस्या, 18:06 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:25 – 07:48शुभ
अमृत07:48 – 09:11शुभ
काल09:11 – 10:34टालें
शुभ10:34 – 11:57शुभ
रोग11:57 – 13:20टालें
उद्वेग13:20 – 14:43टालें
चर14:43 – 16:06सामान्य
लाभ16:06 – 17:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:29 – 19:06टालें
शुभ19:06 – 20:43शुभ
अमृत20:43 – 22:20शुभ
चर22:20 – 23:57सामान्य
रोग23:57 – 01:34टालें
काल01:34 – 03:11टालें
लाभ03:11 – 04:48शुभ
उद्वेग04:48 – 06:25टालें

29 जनवरी 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
अमावस्या 18:06 तक
शुक्ल प्रतिपदा 16:11, 30 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 07:15, 30 जन॰ तक
योग
सिद्धि 21:21 तक
व्यतीपातअशुभ 18:33, 30 जन॰ तक
करण
चतुष्पद 06:54 तक
नाग 18:06 तक
किंस्तुघ्न 05:11, 30 जन॰ तक
बव 16:11, 30 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:25
सूर्यास्त
17:29
चंद्रोदय
06:20
चंद्रास्त
17:20
दिनमान
11h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:19 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:57 – 13:20
यमगंड
07:48 – 09:11
गुलिक काल
10:34 – 11:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2507:21दिन
चंद्र07:2108:16दिन
शनि08:1609:11दिन
गुरु09:1110:07दिन
मंगल10:0711:02दिन
सूर्य11:0211:57दिन
शुक्र11:5712:53दिन
बुध12:5313:48दिन
चंद्र13:4814:43दिन
शनि14:4315:39दिन
गुरु15:3916:34दिन
मंगल16:3417:29दिन
सूर्य17:2918:34रात
शुक्र18:3419:39रात
बुध19:3920:43रात
चंद्र20:4321:48रात
शनि21:4822:52रात
गुरु22:5223:57रात
मंगल23:5701:02रात
सूर्य01:0202:06रात
शुक्र02:0603:11रात
बुध03:1104:16रात
चंद्र04:1605:20रात
शनि05:2006:25रात

अयनांश 24.2074° (लाहिड़ी)। समय पुरुलिया (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।