29 मार्च 2025 को पुरुलिया का चौघड़िया

शनिवार, 29 मार्च 2025, पुरुलिया, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 29 मार्च 2025 को पुरुलिया में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (16:27 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (19:26 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 08:44 से 10:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 17:59
रात 05:38 तक
तिथि
अमावस्या, 16:27 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 19:26 तक
रेवती
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:39 – 07:12टालें
शुभ07:12 – 08:44शुभ
रोग08:44 – 10:17टालें
उद्वेग10:17 – 11:49टालें
चर11:49 – 13:21सामान्य
लाभ13:21 – 14:54शुभ
अमृत14:54 – 16:26शुभ
काल16:26 – 17:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:59 – 19:26शुभ
उद्वेग19:26 – 20:54टालें
शुभ20:54 – 22:21शुभ
अमृत22:21 – 23:48शुभ
चर23:48 – 01:16सामान्य
रोग01:16 – 02:43टालें
काल02:43 – 04:11टालें
लाभ04:11 – 05:38शुभ

29 मार्च 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
अमावस्या 16:27 तक
शुक्ल प्रतिपदा 12:49, 30 मार्च तक
नक्षत्र
रेवती 16:35, 30 मार्च तक
योग
ब्रह्म 22:03 तक
इंद्र 17:53, 30 मार्च तक
करण
चतुष्पद 06:13 तक
नाग 16:27 तक
किंस्तुघ्न 02:39, 30 मार्च तक
बव 12:49, 30 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
05:23
चंद्रास्त
17:58
दिनमान
12h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:14

अशुभ समय

राहुकाल
08:44 – 10:17
यमगंड
13:21 – 14:54
गुलिक काल
05:39 – 07:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3906:41दिन
गुरु06:4107:43दिन
मंगल07:4308:44दिन
सूर्य08:4409:46दिन
शुक्र09:4610:47दिन
बुध10:4711:49दिन
चंद्र11:4912:51दिन
शनि12:5113:52दिन
गुरु13:5214:54दिन
मंगल14:5415:55दिन
सूर्य15:5516:57दिन
शुक्र16:5717:59दिन
बुध17:5918:57रात
चंद्र18:5719:55रात
शनि19:5520:54रात
गुरु20:5421:52रात
मंगल21:5222:50रात
सूर्य22:5023:48रात
शुक्र23:4800:47रात
बुध00:4701:45रात
चंद्र01:4502:43रात
शनि02:4303:42रात
गुरु03:4204:40रात
मंगल04:4005:38रात

अयनांश 24.2096° (लाहिड़ी)। समय पुरुलिया (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।