29 अक्टूबर 2025 को पुरुलिया का चौघड़िया

बुधवार, 29 अक्टूबर 2025, पुरुलिया, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 29 अक्टूबर 2025 को पुरुलिया में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (09:23 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (17:30 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 17:08 पर है। राहुकाल 11:28 से 12:53 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 17:08
रात 05:48 तक
तिथि
सप्तमी, 09:23 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 17:30 तक
श्रवण
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:48 – 07:13शुभ
अमृत07:13 – 08:38शुभ
काल08:38 – 10:03टालें
शुभ10:03 – 11:28शुभ
रोग11:28 – 12:53टालें
उद्वेग12:53 – 14:18टालें
चर14:18 – 15:43सामान्य
लाभ15:43 – 17:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:08 – 18:43टालें
शुभ18:43 – 20:18शुभ
अमृत20:18 – 21:53शुभ
चर21:53 – 23:28सामान्य
रोग23:28 – 01:03टालें
काल01:03 – 02:38टालें
लाभ02:38 – 04:13शुभ
उद्वेग04:13 – 05:48टालें

29 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 09:23 तक
शुक्ल अष्टमी 10:07, 30 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 18:33, 30 अक्टू॰ तक
योग
धृति 07:51 तक
शूलअशुभ 07:20, 30 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 09:23 तक
विष्टि (भद्रा) 21:50 तक
बव 10:07, 30 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
17:08
चंद्रोदय
12:15
चंद्रास्त
23:13
दिनमान
11h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:05 – 11:50 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:28 – 12:53
यमगंड
07:13 – 08:38
गुलिक काल
10:03 – 11:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4806:44दिन
चंद्र06:4407:41दिन
शनि07:4108:38दिन
गुरु08:3809:34दिन
मंगल09:3410:31दिन
सूर्य10:3111:28दिन
शुक्र11:2812:24दिन
बुध12:2413:21दिन
चंद्र13:2114:18दिन
शनि14:1815:14दिन
गुरु15:1416:11दिन
मंगल16:1117:08दिन
सूर्य17:0818:11रात
शुक्र18:1119:14रात
बुध19:1420:18रात
चंद्र20:1821:21रात
शनि21:2122:25रात
गुरु22:2523:28रात
मंगल23:2800:31रात
सूर्य00:3101:35रात
शुक्र01:3502:38रात
बुध02:3803:41रात
चंद्र03:4104:45रात
शनि04:4505:48रात

अयनांश 24.2178° (लाहिड़ी)। समय पुरुलिया (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।