4 नवंबर 2025 को पुरुलिया का चौघड़िया

मंगलवार, 4 नवंबर 2025, पुरुलिया, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 4 नवंबर 2025 को पुरुलिया में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (22:36 तक), नक्षत्र रेवती (12:34 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 17:04 पर है। राहुकाल 14:16 से 15:40 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 17:04
रात 05:52 तक
तिथि
चतुर्दशी, 22:36 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
रेवती, 12:34 तक
अश्विनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:51 – 07:15टालें
उद्वेग07:15 – 08:39टालें
चर08:39 – 10:03सामान्य
लाभ10:03 – 11:27शुभ
अमृत11:27 – 12:52शुभ
काल12:52 – 14:16टालें
शुभ14:16 – 15:40शुभ
रोग15:40 – 17:04टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:04 – 18:40टालें
लाभ18:40 – 20:16शुभ
उद्वेग20:16 – 21:52टालें
शुभ21:52 – 23:28शुभ
अमृत23:28 – 01:04शुभ
चर01:04 – 02:40सामान्य
रोग02:40 – 04:16टालें
काल04:16 – 05:52टालें

4 नवंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 22:36 तक
पूर्णिमा 18:49, 5 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 12:34 तक
अश्विनी 09:40, 5 नव॰ तक
योग
वज्रअशुभ 15:42 तक
सिद्धि 11:28, 5 नव॰ तक
करण
गर 12:24 तक
वणिज 22:36 तक
विष्टि (भद्रा) 08:44, 5 नव॰ तक
चंद्र राशि
मीन 12:34 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
17:04
चंद्रोदय
15:59
चंद्रास्त
04:13
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 05:00
अभिजीत मुहूर्त
11:05 – 11:50

अशुभ समय

राहुकाल
14:16 – 15:40
यमगंड
08:39 – 10:03
गुलिक काल
11:27 – 12:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5106:47दिन
सूर्य06:4707:43दिन
शुक्र07:4308:39दिन
बुध08:3909:35दिन
चंद्र09:3510:31दिन
शनि10:3111:27दिन
गुरु11:2712:24दिन
मंगल12:2413:20दिन
सूर्य13:2014:16दिन
शुक्र14:1615:12दिन
बुध15:1216:08दिन
चंद्र16:0817:04दिन
शनि17:0418:08रात
गुरु18:0819:12रात
मंगल19:1220:16रात
सूर्य20:1621:20रात
शुक्र21:2022:24रात
बुध22:2423:28रात
चंद्र23:2800:32रात
शनि00:3201:36रात
गुरु01:3602:40रात
मंगल02:4003:44रात
सूर्य03:4404:48रात
शुक्र04:4805:52रात

अयनांश 24.2180° (लाहिड़ी)। समय पुरुलिया (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।