25 सितंबर 2026 को पुरुलिया का चौघड़िया

शुक्रवार, 25 सितंबर 2026, पुरुलिया, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को पुरुलिया में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (23:07 तक), नक्षत्र शतभिषा (11:22 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:34 पर और सूर्यास्त 17:38 पर है। राहुकाल 10:05 से 11:36 तक है।

दिन और रात
दिन 05:34 – 17:38
रात 05:34 तक
तिथि
चतुर्दशी, 23:07 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
शतभिषा, 11:22 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:34 – 07:04सामान्य
लाभ07:04 – 08:35शुभ
अमृत08:35 – 10:05शुभ
काल10:05 – 11:36टालें
शुभ11:36 – 13:06शुभ
रोग13:06 – 14:37टालें
उद्वेग14:37 – 16:07टालें
चर16:07 – 17:38सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:38 – 19:07टालें
काल19:07 – 20:37टालें
लाभ20:37 – 22:06शुभ
उद्वेग22:06 – 23:36टालें
शुभ23:36 – 01:05शुभ
अमृत01:05 – 02:35शुभ
चर02:35 – 04:04सामान्य
रोग04:04 – 05:34टालें

25 सितंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 23:07 तक
पूर्णिमा 22:18, 26 सित॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 11:22 तक
पूर्वा भाद्रपद 11:32, 26 सित॰ तक
योग
शूलअशुभ 14:51 तक
गंडअशुभ 13:17, 26 सित॰ तक
करण
गर 11:17 तक
वणिज 23:07 तक
विष्टि (भद्रा) 10:47, 26 सित॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 05:33, 26 सित॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:34
सूर्यास्त
17:38
चंद्रोदय
16:44
चंद्रास्त
04:02
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:58 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 12:00

अशुभ समय

राहुकाल
10:05 – 11:36
यमगंड
14:37 – 16:07
गुलिक काल
07:04 – 08:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3406:34दिन
बुध06:3407:34दिन
चंद्र07:3408:35दिन
शनि08:3509:35दिन
गुरु09:3510:35दिन
मंगल10:3511:36दिन
सूर्य11:3612:36दिन
शुक्र12:3613:36दिन
बुध13:3614:37दिन
चंद्र14:3715:37दिन
शनि15:3716:37दिन
गुरु16:3717:38दिन
मंगल17:3818:37रात
सूर्य18:3719:37रात
शुक्र19:3720:37रात
बुध20:3721:36रात
चंद्र21:3622:36रात
शनि22:3623:36रात
गुरु23:3600:35रात
मंगल00:3501:35रात
सूर्य01:3502:35रात
शुक्र02:3503:35रात
बुध03:3504:34रात
चंद्र04:3405:34रात

अयनांश 24.2305° (लाहिड़ी)। समय पुरुलिया (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।