10 सितंबर 2028 को पुरुलिया का चौघड़िया

रविवार, 10 सितंबर 2028, पुरुलिया, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 10 सितंबर 2028 को पुरुलिया में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (17:29 तक), नक्षत्र कृत्तिका (01:04, 11 सित॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 16:20 से 17:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:29 – 17:52
रात 05:29 तक
तिथि
षष्ठी, 17:29 तक
सप्तमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 01:04 तक
रोहिणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:29 – 07:02टालें
चर07:02 – 08:35सामान्य
लाभ08:35 – 10:08शुभ
अमृत10:08 – 11:41शुभ
काल11:41 – 13:14टालें
शुभ13:14 – 14:47शुभ
रोग14:47 – 16:20टालें
उद्वेग16:20 – 17:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:52 – 19:20शुभ
अमृत19:20 – 20:47शुभ
चर20:47 – 22:14सामान्य
रोग22:14 – 23:41टालें
काल23:41 – 01:08टालें
लाभ01:08 – 02:35शुभ
उद्वेग02:35 – 04:02टालें
शुभ04:02 – 05:29शुभ

10 सितंबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 17:29 तक
कृष्ण सप्तमी 18:10, 11 सित॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 01:04, 11 सित॰ तक
रोहिणी 02:11, 12 सित॰ तक
योग
हर्षण 05:10, 11 सित॰ तक
वज्रअशुभ 04:26, 12 सित॰ तक
करण
वणिज 17:29 तक
विष्टि (भद्रा) 05:54, 11 सित॰ तक
चंद्र राशि
मेष 05:50 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
21:37
चंद्रास्त
10:41
दिनमान
12h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:56 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
11:16 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
16:20 – 17:52
यमगंड
11:41 – 13:14
गुलिक काल
14:47 – 16:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2906:31दिन
शुक्र06:3107:33दिन
बुध07:3308:35दिन
चंद्र08:3509:37दिन
शनि09:3710:39दिन
गुरु10:3911:41दिन
मंगल11:4112:43दिन
सूर्य12:4313:45दिन
शुक्र13:4514:47दिन
बुध14:4715:49दिन
चंद्र15:4916:50दिन
शनि16:5017:52दिन
गुरु17:5218:51रात
मंगल18:5119:49रात
सूर्य19:4920:47रात
शुक्र20:4721:45रात
बुध21:4522:43रात
चंद्र22:4323:41रात
शनि23:4100:39रात
गुरु00:3901:37रात
मंगल01:3702:35रात
सूर्य02:3503:33रात
शुक्र03:3304:31रात
बुध04:3105:29रात

अयनांश 24.2579° (लाहिड़ी)। समय पुरुलिया (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।