18 फ़रवरी 2029 को पुरुलिया का चौघड़िया

रविवार, 18 फ़रवरी 2029, पुरुलिया, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 18 फ़रवरी 2029 को पुरुलिया में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (03:23, 19 फ़र॰ तक), नक्षत्र रेवती (14:42 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 16:16 से 17:42 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 17:42
रात 06:14 तक
तिथि
पंचमी, 03:23 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रेवती, 14:42 तक
अश्विनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:15 – 07:40टालें
चर07:40 – 09:06सामान्य
लाभ09:06 – 10:32शुभ
अमृत10:32 – 11:58शुभ
काल11:58 – 13:24टालें
शुभ13:24 – 14:50शुभ
रोग14:50 – 16:16टालें
उद्वेग16:16 – 17:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:42 – 19:16शुभ
अमृत19:16 – 20:50शुभ
चर20:50 – 22:24सामान्य
रोग22:24 – 23:58टालें
काल23:58 – 01:32टालें
लाभ01:32 – 03:06शुभ
उद्वेग03:06 – 04:40टालें
शुभ04:40 – 06:14शुभ

18 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 03:23, 19 फ़र॰ तक
शुक्ल षष्ठी 05:47, 20 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रेवती 14:42 तक
अश्विनी 17:38, 19 फ़र॰ तक
योग
शुभ 16:26 तक
शुक्ल 17:16, 19 फ़र॰ तक
करण
बव 14:06 तक
बालव 03:23, 19 फ़र॰ तक
कौलव 16:37, 19 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मीन 14:42 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
08:39
चंद्रास्त
21:51
दिनमान
11h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
16:16 – 17:42
यमगंड
11:58 – 13:24
गुलिक काल
14:50 – 16:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1507:12दिन
शुक्र07:1208:09दिन
बुध08:0909:06दिन
चंद्र09:0610:04दिन
शनि10:0411:01दिन
गुरु11:0111:58दिन
मंगल11:5812:55दिन
सूर्य12:5513:53दिन
शुक्र13:5314:50दिन
बुध14:5015:47दिन
चंद्र15:4716:44दिन
शनि16:4417:42दिन
गुरु17:4218:44रात
मंगल18:4419:47रात
सूर्य19:4720:50रात
शुक्र20:5021:52रात
बुध21:5222:55रात
चंद्र22:5523:58रात
शनि23:5801:00रात
गुरु01:0002:03रात
मंगल02:0303:06रात
सूर्य03:0604:08रात
शुक्र04:0805:11रात
बुध05:1106:14रात

अयनांश 24.2640° (लाहिड़ी)। समय पुरुलिया (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।