10 मार्च 2029 को पुरुलिया का चौघड़िया

शनिवार, 10 मार्च 2029, पुरुलिया, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 10 मार्च 2029 को पुरुलिया में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (02:16, 11 मार्च तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (05:34, 11 मार्च तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 17:51 पर है। राहुकाल 08:56 से 10:25 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 17:51
रात 05:57 तक
तिथि
एकादशी, 02:16 तक
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 05:34 तक
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:58 – 07:27टालें
शुभ07:27 – 08:56शुभ
रोग08:56 – 10:25टालें
उद्वेग10:25 – 11:54टालें
चर11:54 – 13:24सामान्य
लाभ13:24 – 14:53शुभ
अमृत14:53 – 16:22शुभ
काल16:22 – 17:51टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:51 – 19:22शुभ
उद्वेग19:22 – 20:53टालें
शुभ20:53 – 22:23शुभ
अमृत22:23 – 23:54शुभ
चर23:54 – 01:25सामान्य
रोग01:25 – 02:55टालें
काल02:55 – 04:26टालें
लाभ04:26 – 05:57शुभ

10 मार्च 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 02:16, 11 मार्च तक
कृष्ण द्वादशी 03:42, 12 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 05:34, 11 मार्च तक
श्रवण 07:36, 12 मार्च तक
योग
वरीयान 18:05 तक
परिघअशुभ 17:59, 11 मार्च तक
करण
बव 13:43 तक
बालव 02:16, 11 मार्च तक
कौलव 14:56, 11 मार्च तक
चंद्र राशि
धनु 10:19 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
17:51
चंद्रोदय
02:39
चंद्रास्त
13:46
दिनमान
11h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:09
अभिजीत मुहूर्त
11:31 – 12:18

अशुभ समय

राहुकाल
08:56 – 10:25
यमगंड
13:24 – 14:53
गुलिक काल
05:58 – 07:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5806:57दिन
गुरु06:5707:57दिन
मंगल07:5708:56दिन
सूर्य08:5609:56दिन
शुक्र09:5610:55दिन
बुध10:5511:54दिन
चंद्र11:5412:54दिन
शनि12:5413:53दिन
गुरु13:5314:53दिन
मंगल14:5315:52दिन
सूर्य15:5216:52दिन
शुक्र16:5217:51दिन
बुध17:5118:52रात
चंद्र18:5219:52रात
शनि19:5220:53रात
गुरु20:5321:53रात
मंगल21:5322:54रात
सूर्य22:5423:54रात
शुक्र23:5400:54रात
बुध00:5401:55रात
चंद्र01:5502:55रात
शनि02:5503:56रात
गुरु03:5604:56रात
मंगल04:5605:57रात

अयनांश 24.2648° (लाहिड़ी)। समय पुरुलिया (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।