17 दिसंबर 2024 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 17 दिसंबर 2024, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 17 दिसंबर 2024 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (10:56 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (00:44, 18 दिस॰ तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 15:05 से 16:23 तक है।

दिन और रात
दिन 07:13 – 17:42
रात 07:14 तक
तिथि
द्वितीया, 10:56 तक
तृतीया
नक्षत्र
पुनर्वसु, 00:44 तक
पुष्य
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:13 – 08:32टालें
उद्वेग08:32 – 09:50टालें
चर09:50 – 11:09सामान्य
लाभ11:09 – 12:27शुभ
अमृत12:27 – 13:46शुभ
काल13:46 – 15:05टालें
शुभ15:05 – 16:23शुभ
रोग16:23 – 17:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:42 – 19:23टालें
लाभ19:23 – 21:05शुभ
उद्वेग21:05 – 22:46टालें
शुभ22:46 – 00:28शुभ
अमृत00:28 – 02:09शुभ
चर02:09 – 03:51सामान्य
रोग03:51 – 05:32टालें
काल05:32 – 07:14टालें

17 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 10:56 तक
कृष्ण तृतीया 10:06, 18 दिस॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 00:44, 18 दिस॰ तक
पुष्य 00:58, 19 दिस॰ तक
योग
ब्रह्म 21:10 तक
इंद्र 19:33, 18 दिस॰ तक
करण
गर 10:56 तक
वणिज 22:26 तक
विष्टि (भद्रा) 10:06, 18 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 18:47 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:13
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
19:40
चंद्रास्त
09:08
दिनमान
10h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:25 – 06:19
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
15:05 – 16:23
यमगंड
09:50 – 11:09
गुलिक काल
12:27 – 13:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:1308:05दिन
सूर्य08:0508:58दिन
शुक्र08:5809:50दिन
बुध09:5010:43दिन
चंद्र10:4311:35दिन
शनि11:3512:27दिन
गुरु12:2713:20दिन
मंगल13:2014:12दिन
सूर्य14:1215:05दिन
शुक्र15:0515:57दिन
बुध15:5716:50दिन
चंद्र16:5017:42दिन
शनि17:4218:50रात
गुरु18:5019:57रात
मंगल19:5721:05रात
सूर्य21:0522:13रात
शुक्र22:1323:20रात
बुध23:2000:28रात
चंद्र00:2801:35रात
शनि01:3502:43रात
गुरु02:4303:51रात
मंगल03:5104:58रात
सूर्य04:5806:06रात
शुक्र06:0607:14रात

अयनांश 24.2057° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।