10 जनवरी 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 10 जनवरी 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 10 जनवरी 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (10:20 तक), नक्षत्र कृत्तिका (13:45 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 07:21 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 11:19 से 12:39 तक है।

दिन और रात
दिन 07:21 – 17:57
रात 07:21 तक
तिथि
एकादशी, 10:20 तक
द्वादशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 13:45 तक
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:21 – 08:40सामान्य
लाभ08:40 – 10:00शुभ
अमृत10:00 – 11:19शुभ
काल11:19 – 12:39टालें
शुभ12:39 – 13:58शुभ
रोग13:58 – 15:18टालें
उद्वेग15:18 – 16:37टालें
चर16:37 – 17:57सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:57 – 19:37टालें
काल19:37 – 21:18टालें
लाभ21:18 – 22:58शुभ
उद्वेग22:58 – 00:39टालें
शुभ00:39 – 02:19शुभ
अमृत02:19 – 04:00शुभ
चर04:00 – 05:40सामान्य
रोग05:40 – 07:21टालें

10 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 10:20 तक
शुक्ल द्वादशी 08:22, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 12:29, 11 जन॰ तक
योग
शुभ 14:36 तक
शुक्ल 11:48, 11 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:20 तक
बव 21:20 तक
बालव 08:22, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:21
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
14:23
चंद्रास्त
03:43
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:34 – 06:27
अभिजीत मुहूर्त
12:18 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
11:19 – 12:39
यमगंड
15:18 – 16:37
गुलिक काल
08:40 – 10:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:2108:14दिन
बुध08:1409:07दिन
चंद्र09:0710:00दिन
शनि10:0010:53दिन
गुरु10:5311:46दिन
मंगल11:4612:39दिन
सूर्य12:3913:32दिन
शुक्र13:3214:25दिन
बुध14:2515:18दिन
चंद्र15:1816:11दिन
शनि16:1117:04दिन
गुरु17:0417:57दिन
मंगल17:5719:04रात
सूर्य19:0420:11रात
शुक्र20:1121:18रात
बुध21:1822:25रात
चंद्र22:2523:32रात
शनि23:3200:39रात
गुरु00:3901:46रात
मंगल01:4602:53रात
सूर्य02:5304:00रात
शुक्र04:0005:07रात
बुध05:0706:14रात
चंद्र06:1407:21रात

अयनांश 24.2067° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।