25 फ़रवरी 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 25 फ़रवरी 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 25 फ़रवरी 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (12:47 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (18:30 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 18:30 पर है। राहुकाल 15:37 से 17:04 तक है।

दिन और रात
दिन 06:59 – 18:30
रात 06:58 तक
तिथि
द्वादशी, 12:47 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 18:30 तक
श्रवण
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:59 – 08:25टालें
उद्वेग08:25 – 09:52टालें
चर09:52 – 11:18सामान्य
लाभ11:18 – 12:44शुभ
अमृत12:44 – 14:11शुभ
काल14:11 – 15:37टालें
शुभ15:37 – 17:04शुभ
रोग17:04 – 18:30टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:30 – 20:04टालें
लाभ20:04 – 21:37शुभ
उद्वेग21:37 – 23:11टालें
शुभ23:11 – 00:44शुभ
अमृत00:44 – 02:17शुभ
चर02:17 – 03:51सामान्य
रोग03:51 – 05:24टालें
काल05:24 – 06:58टालें

25 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 12:47 तक
कृष्ण त्रयोदशी 11:08, 26 फ़र॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 17:23, 26 फ़र॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 08:14 तक
वरीयान 05:50, 26 फ़र॰ तक
परिघअशुभ 02:57, 27 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 12:47 तक
गर 00:03, 26 फ़र॰ तक
वणिज 11:08, 26 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
18:30
चंद्रोदय
05:04
चंद्रास्त
15:42
दिनमान
11h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:09
अभिजीत मुहूर्त
12:21 – 13:08

अशुभ समय

राहुकाल
15:37 – 17:04
यमगंड
09:52 – 11:18
गुलिक काल
12:44 – 14:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5907:56दिन
सूर्य07:5608:54दिन
शुक्र08:5409:52दिन
बुध09:5210:49दिन
चंद्र10:4911:47दिन
शनि11:4712:44दिन
गुरु12:4413:42दिन
मंगल13:4214:40दिन
सूर्य14:4015:37दिन
शुक्र15:3716:35दिन
बुध16:3517:33दिन
चंद्र17:3318:30दिन
शनि18:3019:32रात
गुरु19:3220:35रात
मंगल20:3521:37रात
सूर्य21:3722:39रात
शुक्र22:3923:42रात
बुध23:4200:44रात
चंद्र00:4401:46रात
शनि01:4602:49रात
गुरु02:4903:51रात
मंगल03:5104:53रात
सूर्य04:5305:56रात
शुक्र05:5606:58रात

अयनांश 24.2084° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।