2 मार्च 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 2 मार्च 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 2 मार्च 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (21:02 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (08:59 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:54 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 17:06 से 18:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:54 – 18:33
रात 06:53 तक
तिथि
तृतीया, 21:02 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
रेवती, 06:39 तक
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:54 – 08:21टालें
चर08:21 – 09:49सामान्य
लाभ09:49 – 11:16शुभ
अमृत11:16 – 12:44शुभ
काल12:44 – 14:11टालें
शुभ14:11 – 15:38शुभ
रोग15:38 – 17:06टालें
उद्वेग17:06 – 18:33टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:33 – 20:06शुभ
अमृत20:06 – 21:38शुभ
चर21:38 – 23:11सामान्य
रोग23:11 – 00:43टालें
काल00:43 – 02:16टालें
लाभ02:16 – 03:48शुभ
उद्वेग03:48 – 05:21टालें
शुभ05:21 – 06:53शुभ

2 मार्च 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 21:02 तक
शुक्ल चतुर्थी 18:02, 3 मार्च तक
नक्षत्र
रेवती 06:39, 3 मार्च तक
अश्विनी 04:29, 4 मार्च तक
योग
शुभ 12:39 तक
शुक्ल 08:57, 3 मार्च तक
करण
तैतिल 10:35 तक
गर 21:02 तक
वणिज 07:31, 3 मार्च तक
चंद्र राशि
मीन 06:39, 3 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:54
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
08:17
चंद्रास्त
21:11
दिनमान
11h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:15 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
12:20 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
17:06 – 18:33
यमगंड
12:44 – 14:11
गुलिक काल
15:38 – 17:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:5407:52दिन
शुक्र07:5208:51दिन
बुध08:5109:49दिन
चंद्र09:4910:47दिन
शनि10:4711:45दिन
गुरु11:4512:44दिन
मंगल12:4413:42दिन
सूर्य13:4214:40दिन
शुक्र14:4015:38दिन
बुध15:3816:37दिन
चंद्र16:3717:35दिन
शनि17:3518:33दिन
गुरु18:3319:35रात
मंगल19:3520:36रात
सूर्य20:3621:38रात
शुक्र21:3822:40रात
बुध22:4023:41रात
चंद्र23:4100:43रात
शनि00:4301:45रात
गुरु01:4502:46रात
मंगल02:4603:48रात
सूर्य03:4804:50रात
शुक्र04:5005:51रात
बुध05:5106:53रात

अयनांश 24.2086° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।