25 अप्रैल 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (11:45 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (08:53 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 19:00 पर है। राहुकाल 10:52 से 12:29 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 19:00
रात 05:58 तक
तिथि
द्वादशी, 11:45 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:59 – 07:36सामान्य
लाभ07:36 – 09:14शुभ
अमृत09:14 – 10:52शुभ
काल10:52 – 12:29टालें
शुभ12:29 – 14:07शुभ
रोग14:07 – 15:45टालें
उद्वेग15:45 – 17:23टालें
चर17:23 – 19:00सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:00 – 20:22टालें
काल20:22 – 21:45टालें
लाभ21:45 – 23:07शुभ
उद्वेग23:07 – 00:29टालें
शुभ00:29 – 01:51शुभ
अमृत01:51 – 03:13शुभ
चर03:13 – 04:36सामान्य
रोग04:36 – 05:58टालें

25 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 11:45 तक
कृष्ण त्रयोदशी 08:28, 26 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 06:27, 26 अप्रैल तक
योग
इंद्र 12:30 तक
वैधृतिअशुभ 08:41, 26 अप्रैल तक
करण
तैतिल 11:45 तक
गर 22:09 तक
वणिज 08:28, 26 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
19:00
चंद्रोदय
04:04
चंद्रास्त
16:26
दिनमान
13h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:15
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
10:52 – 12:29
यमगंड
15:45 – 17:23
गुलिक काल
07:36 – 09:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5907:04दिन
बुध07:0408:09दिन
चंद्र08:0909:14दिन
शनि09:1410:19दिन
गुरु10:1911:24दिन
मंगल11:2412:29दिन
सूर्य12:2913:35दिन
शुक्र13:3514:40दिन
बुध14:4015:45दिन
चंद्र15:4516:50दिन
शनि16:5017:55दिन
गुरु17:5519:00दिन
मंगल19:0019:55रात
सूर्य19:5520:50रात
शुक्र20:5021:45रात
बुध21:4522:39रात
चंद्र22:3923:34रात
शनि23:3400:29रात
गुरु00:2901:24रात
मंगल01:2402:19रात
सूर्य02:1903:13रात
शुक्र03:1304:08रात
बुध04:0805:03रात
चंद्र05:0305:58रात

अयनांश 24.2107° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।