8 अक्टूबर 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

बुधवार, 8 अक्टूबर 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 8 अक्टूबर 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (02:23, 9 अक्टू॰ तक), नक्षत्र अश्विनी (22:44 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:27 पर और सूर्यास्त 18:10 पर है। राहुकाल 12:19 से 13:47 तक है।

दिन और रात
दिन 06:27 – 18:10
रात 06:27 तक
तिथि
द्वितीया, 02:23 तक
तृतीया
नक्षत्र
अश्विनी, 22:44 तक
भरणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:27 – 07:55शुभ
अमृत07:55 – 09:23शुभ
काल09:23 – 10:51टालें
शुभ10:51 – 12:19शुभ
रोग12:19 – 13:47टालें
उद्वेग13:47 – 15:14टालें
चर15:14 – 16:42सामान्य
लाभ16:42 – 18:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:10 – 19:42टालें
शुभ19:42 – 21:15शुभ
अमृत21:15 – 22:47शुभ
चर22:47 – 00:19सामान्य
रोग00:19 – 01:51टालें
काल01:51 – 03:23टालें
लाभ03:23 – 04:55शुभ
उद्वेग04:55 – 06:27टालें

8 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 02:23, 9 अक्टू॰ तक
कृष्ण तृतीया 22:54, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
भरणी 20:02, 9 अक्टू॰ तक
योग
हर्षण 01:32, 9 अक्टू॰ तक
वज्रअशुभ 21:32, 9 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 16:08 तक
गर 02:23, 9 अक्टू॰ तक
वणिज 12:38, 9 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:27
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
18:54
चंद्रास्त
07:30
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:42 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:19 – 13:47
यमगंड
07:55 – 09:23
गुलिक काल
10:51 – 12:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2707:26दिन
चंद्र07:2608:24दिन
शनि08:2409:23दिन
गुरु09:2310:21दिन
मंगल10:2111:20दिन
सूर्य11:2012:19दिन
शुक्र12:1913:17दिन
बुध13:1714:16दिन
चंद्र14:1615:14दिन
शनि15:1416:13दिन
गुरु16:1317:12दिन
मंगल17:1218:10दिन
सूर्य18:1019:12रात
शुक्र19:1220:13रात
बुध20:1321:15रात
चंद्र21:1522:16रात
शनि22:1623:17रात
गुरु23:1700:19रात
मंगल00:1901:20रात
सूर्य01:2002:22रात
शुक्र02:2203:23रात
बुध03:2304:25रात
चंद्र04:2505:26रात
शनि05:2606:27रात

अयनांश 24.2170° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।