13 नवंबर 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 13 नवंबर 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 13 नवंबर 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (23:34 तक), नक्षत्र मघा (19:38 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:49 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 13:37 से 14:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:49 – 17:42
रात 06:50 तक
तिथि
नवमी, 23:34 तक
दशमी
नक्षत्र
मघा, 19:38 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:49 – 08:10शुभ
रोग08:10 – 09:32टालें
उद्वेग09:32 – 10:54टालें
चर10:54 – 12:15सामान्य
लाभ12:15 – 13:37शुभ
अमृत13:37 – 14:59शुभ
काल14:59 – 16:20टालें
शुभ16:20 – 17:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:42 – 19:20शुभ
चर19:20 – 20:59सामान्य
रोग20:59 – 22:37टालें
काल22:37 – 00:16टालें
लाभ00:16 – 01:54शुभ
उद्वेग01:54 – 03:33टालें
शुभ03:33 – 05:11शुभ
अमृत05:11 – 06:50शुभ

13 नवंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण नवमी 23:34 तक
कृष्ण दशमी 00:50, 15 नव॰ तक
नक्षत्र
मघा 19:38 तक
योग
ब्रह्म 06:57 तक
इंद्र 06:27, 14 नव॰ तक
वैधृतिअशुभ 06:25, 15 नव॰ तक
करण
तैतिल 11:11 तक
गर 23:34 तक
वणिज 12:07, 14 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:49
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
00:36
चंद्रास्त
13:49
दिनमान
10h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:56
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
13:37 – 14:59
यमगंड
06:49 – 08:10
गुलिक काल
09:32 – 10:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4907:43दिन
मंगल07:4308:38दिन
सूर्य08:3809:32दिन
शुक्र09:3210:27दिन
बुध10:2711:21दिन
चंद्र11:2112:15दिन
शनि12:1513:10दिन
गुरु13:1014:04दिन
मंगल14:0414:59दिन
सूर्य14:5915:53दिन
शुक्र15:5316:48दिन
बुध16:4817:42दिन
चंद्र17:4218:48रात
शनि18:4819:53रात
गुरु19:5320:59रात
मंगल20:5922:05रात
सूर्य22:0523:10रात
शुक्र23:1000:16रात
बुध00:1601:21रात
चंद्र01:2102:27रात
शनि02:2703:33रात
गुरु03:3304:38रात
मंगल04:3805:44रात
सूर्य05:4406:50रात

अयनांश 24.2184° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।