25 नवंबर 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 25 नवंबर 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 25 नवंबर 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (22:57 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (23:57 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:58 पर और सूर्यास्त 17:39 पर है। राहुकाल 14:58 से 16:19 तक है।

दिन और रात
दिन 06:58 – 17:39
रात 06:58 तक
तिथि
पंचमी, 22:57 तक
षष्ठी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 23:57 तक
श्रवण
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:58 – 08:18टालें
उद्वेग08:18 – 09:38टालें
चर09:38 – 10:58सामान्य
लाभ10:58 – 12:18शुभ
अमृत12:18 – 13:38शुभ
काल13:38 – 14:58टालें
शुभ14:58 – 16:19शुभ
रोग16:19 – 17:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:39 – 19:19टालें
लाभ19:19 – 20:59शुभ
उद्वेग20:59 – 22:39टालें
शुभ22:39 – 00:19शुभ
अमृत00:19 – 01:59शुभ
चर01:59 – 03:39सामान्य
रोग03:39 – 05:18टालें
काल05:18 – 06:58टालें

25 नवंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 22:57 तक
शुक्ल षष्ठी 00:02, 27 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 01:33, 27 नव॰ तक
योग
गंडअशुभ 12:49 तक
वृद्धि 12:42, 26 नव॰ तक
करण
बव 10:13 तक
बालव 22:57 तक
कौलव 11:34, 26 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:58
सूर्यास्त
17:39
चंद्रोदय
11:08
चंद्रास्त
21:48
दिनमान
10h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 06:04
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
14:58 – 16:19
यमगंड
09:38 – 10:58
गुलिक काल
12:18 – 13:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5807:51दिन
सूर्य07:5108:45दिन
शुक्र08:4509:38दिन
बुध09:3810:31दिन
चंद्र10:3111:25दिन
शनि11:2512:18दिन
गुरु12:1813:12दिन
मंगल13:1214:05दिन
सूर्य14:0514:58दिन
शुक्र14:5815:52दिन
बुध15:5216:45दिन
चंद्र16:4517:39दिन
शनि17:3918:45रात
गुरु18:4519:52रात
मंगल19:5220:59रात
सूर्य20:5922:05रात
शुक्र22:0523:12रात
बुध23:1200:19रात
चंद्र00:1901:25रात
शनि01:2502:32रात
गुरु02:3203:39रात
मंगल03:3904:45रात
सूर्य04:4505:52रात
शुक्र05:5206:58रात

अयनांश 24.2189° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।