4 दिसंबर 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 4 दिसंबर 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 4 दिसंबर 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (08:38 तक), नक्षत्र कृत्तिका (14:54 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 07:04 पर और सूर्यास्त 17:39 पर है। राहुकाल 13:41 से 15:00 तक है।

दिन और रात
दिन 07:04 – 17:39
रात 07:05 तक
तिथि
पूर्णिमा, 04:44 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
कृत्तिका, 14:54 तक
रोहिणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:04 – 08:24शुभ
रोग08:24 – 09:43टालें
उद्वेग09:43 – 11:02टालें
चर11:02 – 12:21सामान्य
लाभ12:21 – 13:41शुभ
अमृत13:41 – 15:00शुभ
काल15:00 – 16:19टालें
शुभ16:19 – 17:39शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:39 – 19:19शुभ
चर19:19 – 21:00सामान्य
रोग21:00 – 22:41टालें
काल22:41 – 00:22टालें
लाभ00:22 – 02:03शुभ
उद्वेग02:03 – 03:43टालें
शुभ03:43 – 05:24शुभ
अमृत05:24 – 07:05शुभ

4 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 08:38 तक
पूर्णिमा 04:44, 5 दिस॰ तक
कृष्ण प्रतिपदा 00:56, 6 दिस॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 11:46, 5 दिस॰ तक
योग
शिव 12:34 तक
सिद्ध 08:08, 5 दिस॰ तक
करण
वणिज 08:38 तक
विष्टि (भद्रा) 18:41 तक
बव 04:44, 5 दिस॰ तक
बालव 14:48, 5 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:04
सूर्यास्त
17:39
चंद्रोदय
16:52
चंद्रास्त
06:12
दिनमान
10h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:17 – 06:11
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
13:41 – 15:00
यमगंड
07:04 – 08:24
गुलिक काल
09:43 – 11:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:0407:57दिन
मंगल07:5708:50दिन
सूर्य08:5009:43दिन
शुक्र09:4310:36दिन
बुध10:3611:29दिन
चंद्र11:2912:21दिन
शनि12:2113:14दिन
गुरु13:1414:07दिन
मंगल14:0715:00दिन
सूर्य15:0015:53दिन
शुक्र15:5316:46दिन
बुध16:4617:39दिन
चंद्र17:3918:46रात
शनि18:4619:53रात
गुरु19:5321:00रात
मंगल21:0022:07रात
सूर्य22:0723:15रात
शुक्र23:1500:22रात
बुध00:2201:29रात
चंद्र01:2902:36रात
शनि02:3603:43रात
गुरु03:4304:51रात
मंगल04:5105:58रात
सूर्य05:5807:05रात

अयनांश 24.2192° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।