7 दिसंबर 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 7 दिसंबर 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 7 दिसंबर 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (18:25 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (04:11, 8 दिस॰ तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 07:06 पर और सूर्यास्त 17:39 पर है। राहुकाल 16:20 से 17:39 तक है।

दिन और रात
दिन 07:06 – 17:39
रात 07:07 तक
तिथि
तृतीया, 18:25 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 04:11 तक
पुष्य
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:06 – 08:26टालें
चर08:26 – 09:45सामान्य
लाभ09:45 – 11:04शुभ
अमृत11:04 – 12:23शुभ
काल12:23 – 13:42टालें
शुभ13:42 – 15:01शुभ
रोग15:01 – 16:20टालें
उद्वेग16:20 – 17:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:39 – 19:20शुभ
अमृत19:20 – 21:01शुभ
चर21:01 – 22:42सामान्य
रोग22:42 – 00:23टालें
काल00:23 – 02:04टालें
लाभ02:04 – 03:45शुभ
उद्वेग03:45 – 05:26टालें
शुभ05:26 – 07:07शुभ

7 दिसंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 18:25 तक
कृष्ण चतुर्थी 16:03, 8 दिस॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 04:11, 8 दिस॰ तक
पुष्य 02:52, 9 दिस॰ तक
योग
शुक्ल 20:07 तक
ब्रह्म 17:01, 8 दिस॰ तक
करण
वणिज 07:51 तक
विष्टि (भद्रा) 18:25 तक
बव 05:09, 8 दिस॰ तक
बालव 16:03, 8 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 22:38 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:06
सूर्यास्त
17:39
चंद्रोदय
20:12
चंद्रास्त
09:37
दिनमान
10h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:13
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
16:20 – 17:39
यमगंड
12:23 – 13:42
गुलिक काल
15:01 – 16:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:0607:59दिन
शुक्र07:5908:52दिन
बुध08:5209:45दिन
चंद्र09:4510:37दिन
शनि10:3711:30दिन
गुरु11:3012:23दिन
मंगल12:2313:15दिन
सूर्य13:1514:08दिन
शुक्र14:0815:01दिन
बुध15:0115:54दिन
चंद्र15:5416:46दिन
शनि16:4617:39दिन
गुरु17:3918:46रात
मंगल18:4619:54रात
सूर्य19:5421:01रात
शुक्र21:0122:08रात
बुध22:0823:16रात
चंद्र23:1600:23रात
शनि00:2301:30रात
गुरु01:3002:38रात
मंगल02:3803:45रात
सूर्य03:4504:52रात
शुक्र04:5206:00रात
बुध06:0007:07रात

अयनांश 24.2193° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।