21 दिसंबर 2025 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 21 दिसंबर 2025, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 21 दिसंबर 2025 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (09:11 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (03:36, 22 दिस॰ तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 16:25 से 17:44 तक है।

दिन और रात
दिन 07:15 – 17:44
रात 07:16 तक
तिथि
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 03:36 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:15 – 08:34टालें
चर08:34 – 09:52सामान्य
लाभ09:52 – 11:11शुभ
अमृत11:11 – 12:29शुभ
काल12:29 – 13:48टालें
शुभ13:48 – 15:07शुभ
रोग15:07 – 16:25टालें
उद्वेग16:25 – 17:44टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:44 – 19:25शुभ
अमृत19:25 – 21:07शुभ
चर21:07 – 22:48सामान्य
रोग22:48 – 00:30टालें
काल00:30 – 02:11टालें
लाभ02:11 – 03:53शुभ
उद्वेग03:53 – 05:34टालें
शुभ05:34 – 07:16शुभ

21 दिसंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 09:11 तक
शुक्ल द्वितीया 10:52, 22 दिस॰ तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 03:36, 22 दिस॰ तक
उत्तराषाढ़ा 05:32, 23 दिस॰ तक
योग
वृद्धि 16:35 तक
ध्रुव 16:40, 22 दिस॰ तक
करण
बव 09:11 तक
बालव 22:04 तक
कौलव 10:52, 22 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:15
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
08:22
चंद्रास्त
18:45
दिनमान
10h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:27 – 06:21
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
16:25 – 17:44
यमगंड
12:29 – 13:48
गुलिक काल
15:07 – 16:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:1508:07दिन
शुक्र08:0709:00दिन
बुध09:0009:52दिन
चंद्र09:5210:45दिन
शनि10:4511:37दिन
गुरु11:3712:29दिन
मंगल12:2913:22दिन
सूर्य13:2214:14दिन
शुक्र14:1415:07दिन
बुध15:0715:59दिन
चंद्र15:5916:51दिन
शनि16:5117:44दिन
गुरु17:4418:51रात
मंगल18:5119:59रात
सूर्य19:5921:07रात
शुक्र21:0722:14रात
बुध22:1423:22रात
चंद्र23:2200:30रात
शनि00:3001:37रात
गुरु01:3702:45रात
मंगल02:4503:53रात
सूर्य03:5305:00रात
शुक्र05:0006:08रात
बुध06:0807:16रात

अयनांश 24.2198° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।