8 जनवरी 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 8 जनवरी 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (07:05, 9 जन॰ तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (12:24 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 07:21 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 13:57 से 15:17 तक है।

दिन और रात
दिन 07:21 – 17:55
रात 07:21 तक
तिथि
षष्ठी, 07:05 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 12:24 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:21 – 08:40शुभ
रोग08:40 – 09:59टालें
उद्वेग09:59 – 11:19टालें
चर11:19 – 12:38सामान्य
लाभ12:38 – 13:57शुभ
अमृत13:57 – 15:17शुभ
काल15:17 – 16:36टालें
शुभ16:36 – 17:55शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:55 – 19:36शुभ
चर19:36 – 21:17सामान्य
रोग21:17 – 22:57टालें
काल22:57 – 00:38टालें
लाभ00:38 – 02:19शुभ
उद्वेग02:19 – 03:59टालें
शुभ03:59 – 05:40शुभ
अमृत05:40 – 07:21शुभ

8 जनवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 07:05, 9 जन॰ तक
कृष्ण सप्तमी 08:24, 10 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
सौभाग्य 17:25 तक
शोभन 16:55, 9 जन॰ तक
करण
गर 18:43 तक
वणिज 07:05, 9 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 19:39, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 18:39 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:21
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
23:04
चंद्रास्त
10:48
दिनमान
10h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:33 – 06:27
अभिजीत मुहूर्त
12:17 – 12:59

अशुभ समय

राहुकाल
13:57 – 15:17
यमगंड
07:21 – 08:40
गुलिक काल
09:59 – 11:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:2108:14दिन
मंगल08:1409:06दिन
सूर्य09:0609:59दिन
शुक्र09:5910:52दिन
बुध10:5211:45दिन
चंद्र11:4512:38दिन
शनि12:3813:31दिन
गुरु13:3114:24दिन
मंगल14:2415:17दिन
सूर्य15:1716:09दिन
शुक्र16:0917:02दिन
बुध17:0217:55दिन
चंद्र17:5519:02रात
शनि19:0220:09रात
गुरु20:0921:17रात
मंगल21:1722:24रात
सूर्य22:2423:31रात
शुक्र23:3100:38रात
बुध00:3801:45रात
चंद्र01:4502:52रात
शनि02:5203:59रात
गुरु03:5905:07रात
मंगल05:0706:14रात
सूर्य06:1407:21रात

अयनांश 24.2205° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।