9 जनवरी 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 9 जनवरी 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (08:24, 10 जन॰ तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (13:40 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 07:21 पर और सूर्यास्त 17:56 पर है। राहुकाल 11:19 से 12:38 तक है।

दिन और रात
दिन 07:21 – 17:56
रात 07:21 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 13:40 तक
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:21 – 08:40सामान्य
लाभ08:40 – 10:00शुभ
अमृत10:00 – 11:19शुभ
काल11:19 – 12:38टालें
शुभ12:38 – 13:58शुभ
रोग13:58 – 15:17टालें
उद्वेग15:17 – 16:37टालें
चर16:37 – 17:56सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:56 – 19:37टालें
काल19:37 – 21:17टालें
लाभ21:17 – 22:58शुभ
उद्वेग22:58 – 00:38टालें
शुभ00:38 – 02:19शुभ
अमृत02:19 – 04:00शुभ
चर04:00 – 05:40सामान्य
रोग05:40 – 07:21टालें

9 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 08:24, 10 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 15:39, 10 जन॰ तक
योग
शोभन 16:55 तक
अतिगंडअशुभ 16:58, 10 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 19:39 तक
बव 08:24, 10 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:21
सूर्यास्त
17:56
चंद्रोदय
23:58
चंद्रास्त
11:17
दिनमान
10h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:33 – 06:27
अभिजीत मुहूर्त
12:17 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
11:19 – 12:38
यमगंड
15:17 – 16:37
गुलिक काल
08:40 – 10:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:2108:14दिन
बुध08:1409:07दिन
चंद्र09:0710:00दिन
शनि10:0010:53दिन
गुरु10:5311:45दिन
मंगल11:4512:38दिन
सूर्य12:3813:31दिन
शुक्र13:3114:24दिन
बुध14:2415:17दिन
चंद्र15:1716:10दिन
शनि16:1017:03दिन
गुरु17:0317:56दिन
मंगल17:5619:03रात
सूर्य19:0320:10रात
शुक्र20:1021:17रात
बुध21:1722:24रात
चंद्र22:2423:31रात
शनि23:3100:38रात
गुरु00:3801:46रात
मंगल01:4602:53रात
सूर्य02:5304:00रात
शुक्र04:0005:07रात
बुध05:0706:14रात
चंद्र06:1407:21रात

अयनांश 24.2206° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।