10 जनवरी 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 10 जनवरी 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 10 जनवरी 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (08:24 तक), नक्षत्र हस्त (15:39 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:21 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 10:00 से 11:19 तक है।

दिन और रात
दिन 07:21 – 17:57
रात 07:21 तक
तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
हस्त, 15:39 तक
चित्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:21 – 08:40टालें
शुभ08:40 – 10:00शुभ
रोग10:00 – 11:19टालें
उद्वेग11:19 – 12:39टालें
चर12:39 – 13:58सामान्य
लाभ13:58 – 15:18शुभ
अमृत15:18 – 16:37शुभ
काल16:37 – 17:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:57 – 19:37शुभ
उद्वेग19:37 – 21:18टालें
शुभ21:18 – 22:58शुभ
अमृत22:58 – 00:39शुभ
चर00:39 – 02:19सामान्य
रोग02:19 – 04:00टालें
काल04:00 – 05:40टालें
लाभ05:40 – 07:21शुभ

10 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 08:24 तक
कृष्ण अष्टमी 10:20, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 15:39 तक
चित्रा 18:12, 11 जन॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 16:58 तक
सुकर्मा 17:27, 11 जन॰ तक
करण
बव 08:24 तक
बालव 21:18 तक
कौलव 10:20, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 04:52, 11 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:21
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:47
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:34 – 06:27
अभिजीत मुहूर्त
12:18 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
10:00 – 11:19
यमगंड
13:58 – 15:18
गुलिक काल
07:21 – 08:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:2108:14दिन
गुरु08:1409:07दिन
मंगल09:0710:00दिन
सूर्य10:0010:53दिन
शुक्र10:5311:46दिन
बुध11:4612:39दिन
चंद्र12:3913:32दिन
शनि13:3214:25दिन
गुरु14:2515:18दिन
मंगल15:1816:11दिन
सूर्य16:1117:04दिन
शुक्र17:0417:57दिन
बुध17:5719:04रात
चंद्र19:0420:11रात
शनि20:1121:18रात
गुरु21:1822:25रात
मंगल22:2523:32रात
सूर्य23:3200:39रात
शुक्र00:3901:46रात
बुध01:4602:53रात
चंद्र02:5304:00रात
शनि04:0005:07रात
गुरु05:0706:14रात
मंगल06:1407:21रात

अयनांश 24.2206° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।