11 जनवरी 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 11 जनवरी 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 11 जनवरी 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (10:20 तक), नक्षत्र चित्रा (18:12 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 07:21 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 16:38 से 17:57 तक है।

दिन और रात
दिन 07:21 – 17:57
रात 07:21 तक
तिथि
अष्टमी, 10:20 तक
नवमी
नक्षत्र
चित्रा, 18:12 तक
स्वाति
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:21 – 08:41टालें
चर08:41 – 10:00सामान्य
लाभ10:00 – 11:20शुभ
अमृत11:20 – 12:39शुभ
काल12:39 – 13:59टालें
शुभ13:59 – 15:18शुभ
रोग15:18 – 16:38टालें
उद्वेग16:38 – 17:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:57 – 19:38शुभ
अमृत19:38 – 21:18शुभ
चर21:18 – 22:59सामान्य
रोग22:59 – 00:39टालें
काल00:39 – 02:20टालें
लाभ02:20 – 04:00शुभ
उद्वेग04:00 – 05:41टालें
शुभ05:41 – 07:21शुभ

11 जनवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 10:20 तक
कृष्ण नवमी 12:43, 12 जन॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 18:12 तक
स्वाति 21:05, 12 जन॰ तक
योग
सुकर्मा 17:27 तक
धृति 18:12, 12 जन॰ तक
करण
कौलव 10:20 तक
तैतिल 23:29 तक
गर 12:43, 12 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:21
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
00:51
चंद्रास्त
12:17
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:34 – 06:27
अभिजीत मुहूर्त
12:18 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
16:38 – 17:57
यमगंड
12:39 – 13:59
गुलिक काल
15:18 – 16:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:2108:14दिन
शुक्र08:1409:07दिन
बुध09:0710:00दिन
चंद्र10:0010:53दिन
शनि10:5311:46दिन
गुरु11:4612:39दिन
मंगल12:3913:32दिन
सूर्य13:3214:25दिन
शुक्र14:2515:18दिन
बुध15:1816:11दिन
चंद्र16:1117:04दिन
शनि17:0417:57दिन
गुरु17:5719:04रात
मंगल19:0420:11रात
सूर्य20:1121:18रात
शुक्र21:1822:25रात
बुध22:2523:32रात
चंद्र23:3200:39रात
शनि00:3901:46रात
गुरु01:4602:53रात
मंगल02:5304:00रात
सूर्य04:0005:07रात
शुक्र05:0706:14रात
बुध06:1407:21रात

अयनांश 24.2206° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।