18 जनवरी 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 18 जनवरी 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 18 जनवरी 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (01:22, 19 जन॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (10:14 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 07:21 पर और सूर्यास्त 18:03 पर है। राहुकाल 16:43 से 18:03 तक है।

दिन और रात
दिन 07:21 – 18:03
रात 07:20 तक
तिथि
अमावस्या, 01:22 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:21 – 08:41टालें
चर08:41 – 10:01सामान्य
लाभ10:01 – 11:21शुभ
अमृत11:21 – 12:42शुभ
काल12:42 – 14:02टालें
शुभ14:02 – 15:22शुभ
रोग15:22 – 16:43टालें
उद्वेग16:43 – 18:03टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:03 – 19:43शुभ
अमृत19:43 – 21:22शुभ
चर21:22 – 23:02सामान्य
रोग23:02 – 00:42टालें
काल00:42 – 02:21टालें
लाभ02:21 – 04:01शुभ
उद्वेग04:01 – 05:41टालें
शुभ05:41 – 07:20शुभ

18 जनवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
अमावस्या 01:22, 19 जन॰ तक
शुक्ल प्रतिपदा 02:14, 20 जन॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 11:52, 19 जन॰ तक
योग
हर्षण 21:11 तक
वज्रअशुभ 20:45, 19 जन॰ तक
करण
चतुष्पद 12:46 तक
नाग 01:22, 19 जन॰ तक
किंस्तुघ्न 13:51, 19 जन॰ तक
चंद्र राशि
धनु 16:41 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:21
सूर्यास्त
18:03
चंद्रोदय
07:04
चंद्रास्त
17:35
दिनमान
10h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:34 – 06:27
अभिजीत मुहूर्त
12:20 – 13:03

अशुभ समय

राहुकाल
16:43 – 18:03
यमगंड
12:42 – 14:02
गुलिक काल
15:22 – 16:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:2108:14दिन
शुक्र08:1409:08दिन
बुध09:0810:01दिन
चंद्र10:0110:55दिन
शनि10:5511:48दिन
गुरु11:4812:42दिन
मंगल12:4213:35दिन
सूर्य13:3514:29दिन
शुक्र14:2915:22दिन
बुध15:2216:16दिन
चंद्र16:1617:09दिन
शनि17:0918:03दिन
गुरु18:0319:09रात
मंगल19:0920:16रात
सूर्य20:1621:22रात
शुक्र21:2222:29रात
बुध22:2923:35रात
चंद्र23:3500:42रात
शनि00:4201:48रात
गुरु01:4802:55रात
मंगल02:5504:01रात
सूर्य04:0105:08रात
शुक्र05:0806:14रात
बुध06:1407:20रात

अयनांश 24.2209° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।