14 फ़रवरी 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 14 फ़रवरी 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 14 फ़रवरी 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (16:02 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (18:16 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 07:08 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 09:57 से 11:21 तक है।

दिन और रात
दिन 07:08 – 18:23
रात 07:07 तक
तिथि
द्वादशी, 16:02 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 18:16 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:08 – 08:33टालें
शुभ08:33 – 09:57शुभ
रोग09:57 – 11:21टालें
उद्वेग11:21 – 12:46टालें
चर12:46 – 14:10सामान्य
लाभ14:10 – 15:34शुभ
अमृत15:34 – 16:59शुभ
काल16:59 – 18:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:23 – 19:59शुभ
उद्वेग19:59 – 21:34टालें
शुभ21:34 – 23:10शुभ
अमृत23:10 – 00:45शुभ
चर00:45 – 02:21सामान्य
रोग02:21 – 03:56टालें
काल03:56 – 05:32टालें
लाभ05:32 – 07:07शुभ

14 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 16:02 तक
कृष्ण त्रयोदशी 17:05, 15 फ़र॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 19:48, 15 फ़र॰ तक
योग
सिद्धि 03:17, 15 फ़र॰ तक
व्यतीपातअशुभ 02:46, 16 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 16:02 तक
गर 04:38, 15 फ़र॰ तक
वणिज 17:05, 15 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
धनु 00:42, 15 फ़र॰ तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:08
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
04:58
चंद्रास्त
15:23
दिनमान
11h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:26 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
12:23 – 13:08

अशुभ समय

राहुकाल
09:57 – 11:21
यमगंड
14:10 – 15:34
गुलिक काल
07:08 – 08:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:0808:04दिन
गुरु08:0409:01दिन
मंगल09:0109:57दिन
सूर्य09:5710:53दिन
शुक्र10:5311:49दिन
बुध11:4912:46दिन
चंद्र12:4613:42दिन
शनि13:4214:38दिन
गुरु14:3815:34दिन
मंगल15:3416:31दिन
सूर्य16:3117:27दिन
शुक्र17:2718:23दिन
बुध18:2319:27रात
चंद्र19:2720:30रात
शनि20:3021:34रात
गुरु21:3422:38रात
मंगल22:3823:42रात
सूर्य23:4200:45रात
शुक्र00:4501:49रात
बुध01:4902:53रात
चंद्र02:5303:56रात
शनि03:5605:00रात
गुरु05:0006:04रात
मंगल06:0407:07रात

अयनांश 24.2219° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।