21 फ़रवरी 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 21 फ़रवरी 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 21 फ़रवरी 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (13:01 तक), नक्षत्र रेवती (19:07 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 07:03 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है। राहुकाल 09:54 से 11:19 तक है।

दिन और रात
दिन 07:03 – 18:28
रात 07:02 तक
तिथि
चतुर्थी, 13:01 तक
पंचमी
नक्षत्र
रेवती, 19:07 तक
अश्विनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:03 – 08:28टालें
शुभ08:28 – 09:54शुभ
रोग09:54 – 11:19टालें
उद्वेग11:19 – 12:45टालें
चर12:45 – 14:11सामान्य
लाभ14:11 – 15:36शुभ
अमृत15:36 – 17:02शुभ
काल17:02 – 18:28टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:28 – 20:02शुभ
उद्वेग20:02 – 21:36टालें
शुभ21:36 – 23:10शुभ
अमृत23:10 – 00:45शुभ
चर00:45 – 02:19सामान्य
रोग02:19 – 03:53टालें
काल03:53 – 05:27टालें
लाभ05:27 – 07:02शुभ

21 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 13:01 तक
शुक्ल पंचमी 11:10, 22 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रेवती 19:07 तक
अश्विनी 17:54, 22 फ़र॰ तक
योग
शुभ 15:51 तक
शुक्ल 13:08, 22 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:01 तक
बव 00:07, 22 फ़र॰ तक
बालव 11:10, 22 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मीन 19:07 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:03
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
09:10
चंद्रास्त
22:23
दिनमान
11h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:22 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
12:22 – 13:08

अशुभ समय

राहुकाल
09:54 – 11:19
यमगंड
14:11 – 15:36
गुलिक काल
07:03 – 08:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:0308:00दिन
गुरु08:0008:57दिन
मंगल08:5709:54दिन
सूर्य09:5410:51दिन
शुक्र10:5111:48दिन
बुध11:4812:45दिन
चंद्र12:4513:42दिन
शनि13:4214:39दिन
गुरु14:3915:36दिन
मंगल15:3616:33दिन
सूर्य16:3317:30दिन
शुक्र17:3018:28दिन
बुध18:2819:30रात
चंद्र19:3020:33रात
शनि20:3321:36रात
गुरु21:3622:39रात
मंगल22:3923:42रात
सूर्य23:4200:45रात
शुक्र00:4501:47रात
बुध01:4702:50रात
चंद्र02:5003:53रात
शनि03:5304:56रात
गुरु04:5605:59रात
मंगल05:5907:02रात

अयनांश 24.2222° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।