23 फ़रवरी 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

सोमवार, 23 फ़रवरी 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 23 फ़रवरी 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (09:09 तक), नक्षत्र भरणी (16:33 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 07:01 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 08:27 से 09:53 तक है।

दिन और रात
दिन 07:01 – 18:29
रात 07:00 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
भरणी, 16:33 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:01 – 08:27शुभ
काल08:27 – 09:53टालें
शुभ09:53 – 11:19शुभ
रोग11:19 – 12:45टालें
उद्वेग12:45 – 14:11टालें
चर14:11 – 15:37सामान्य
लाभ15:37 – 17:03शुभ
अमृत17:03 – 18:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:29 – 20:03सामान्य
रोग20:03 – 21:37टालें
काल21:37 – 23:10टालें
लाभ23:10 – 00:44शुभ
उद्वेग00:44 – 02:18टालें
शुभ02:18 – 03:52शुभ
अमृत03:52 – 05:26शुभ
चर05:26 – 07:00सामान्य

23 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 09:09 तक
शुक्ल सप्तमी 07:02, 24 फ़र॰ तक
नक्षत्र
भरणी 16:33 तक
कृत्तिका 15:07, 24 फ़र॰ तक
योग
ब्रह्म 10:18 तक
इंद्र 07:23, 24 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 09:09 तक
गर 20:06 तक
वणिज 07:02, 24 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मेष 22:12 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:01
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
10:27
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:11
अभिजीत मुहूर्त
12:22 – 13:08

अशुभ समय

राहुकाल
08:27 – 09:53
यमगंड
11:19 – 12:45
गुलिक काल
14:11 – 15:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0107:58दिन
शनि07:5808:55दिन
गुरु08:5509:53दिन
मंगल09:5310:50दिन
सूर्य10:5011:47दिन
शुक्र11:4712:45दिन
बुध12:4513:42दिन
चंद्र13:4214:39दिन
शनि14:3915:37दिन
गुरु15:3716:34दिन
मंगल16:3417:31दिन
सूर्य17:3118:29दिन
शुक्र18:2919:31रात
बुध19:3120:34रात
चंद्र20:3421:37रात
शनि21:3722:39रात
गुरु22:3923:42रात
मंगल23:4200:44रात
सूर्य00:4401:47रात
शुक्र01:4702:50रात
बुध02:5003:52रात
चंद्र03:5204:55रात
शनि04:5505:57रात
गुरु05:5707:00रात

अयनांश 24.2223° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।