26 फ़रवरी 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 26 फ़रवरी 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 26 फ़रवरी 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (00:33, 27 फ़र॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (12:11 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:58 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 14:11 से 15:37 तक है।

दिन और रात
दिन 06:58 – 18:31
रात 06:57 तक
तिथि
दशमी, 00:33 तक
एकादशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 12:11 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:58 – 08:25शुभ
रोग08:25 – 09:51टालें
उद्वेग09:51 – 11:18टालें
चर11:18 – 12:44सामान्य
लाभ12:44 – 14:11शुभ
अमृत14:11 – 15:37शुभ
काल15:37 – 17:04टालें
शुभ17:04 – 18:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:31 – 20:04शुभ
चर20:04 – 21:37सामान्य
रोग21:37 – 23:11टालें
काल23:11 – 00:44टालें
लाभ00:44 – 02:17शुभ
उद्वेग02:17 – 03:51टालें
शुभ03:51 – 05:24शुभ
अमृत05:24 – 06:57शुभ

26 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल दशमी 00:33, 27 फ़र॰ तक
शुक्ल एकादशी 22:33, 27 फ़र॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 10:49, 27 फ़र॰ तक
योग
प्रीति 22:33 तक
आयुष्मान 19:43, 27 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 13:37 तक
गर 00:33, 27 फ़र॰ तक
वणिज 11:32, 27 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:58
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
13:12
चंद्रास्त
02:49
दिनमान
11h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 06:08
अभिजीत मुहूर्त
12:21 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
14:11 – 15:37
यमगंड
06:58 – 08:25
गुलिक काल
09:51 – 11:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5807:56दिन
मंगल07:5608:53दिन
सूर्य08:5309:51दिन
शुक्र09:5110:49दिन
बुध10:4911:47दिन
चंद्र11:4712:44दिन
शनि12:4413:42दिन
गुरु13:4214:40दिन
मंगल14:4015:37दिन
सूर्य15:3716:35दिन
शुक्र16:3517:33दिन
बुध17:3318:31दिन
चंद्र18:3119:33रात
शनि19:3320:35रात
गुरु20:3521:37रात
मंगल21:3722:39रात
सूर्य22:3923:42रात
शुक्र23:4200:44रात
बुध00:4401:46रात
चंद्र01:4602:48रात
शनि02:4803:51रात
गुरु03:5104:53रात
मंगल04:5305:55रात
सूर्य05:5506:57रात

अयनांश 24.2224° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।