30 मार्च 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

सोमवार, 30 मार्च 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 30 मार्च 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (07:10 तक), नक्षत्र मघा (14:48 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:25 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है। राहुकाल 07:58 से 09:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:25 – 18:47
रात 06:24 तक
तिथि
त्रयोदशी
नक्षत्र
मघा, 14:48 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:25 – 07:58शुभ
काल07:58 – 09:30टालें
शुभ09:30 – 11:03शुभ
रोग11:03 – 12:36टालें
उद्वेग12:36 – 14:09टालें
चर14:09 – 15:42सामान्य
लाभ15:42 – 17:14शुभ
अमृत17:14 – 18:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:47 – 20:14सामान्य
रोग20:14 – 21:41टालें
काल21:41 – 23:08टालें
लाभ23:08 – 00:35शुभ
उद्वेग00:35 – 02:03टालें
शुभ02:03 – 03:30शुभ
अमृत03:30 – 04:57शुभ
चर04:57 – 06:24सामान्य

30 मार्च 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 07:10 तक
शुक्ल त्रयोदशी 06:56, 31 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 14:48 तक
पूर्वा फाल्गुनी 15:21, 31 मार्च तक
योग
शूलअशुभ 16:51 तक
गंडअशुभ 15:41, 31 मार्च तक
करण
बालव 07:10 तक
कौलव 19:00 तक
तैतिल 06:56, 31 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:25
सूर्यास्त
18:47
चंद्रोदय
16:24
चंद्रास्त
04:41
दिनमान
12h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 13:01

अशुभ समय

राहुकाल
07:58 – 09:30
यमगंड
11:03 – 12:36
गुलिक काल
14:09 – 15:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2507:27दिन
शनि07:2708:28दिन
गुरु08:2809:30दिन
मंगल09:3010:32दिन
सूर्य10:3211:34दिन
शुक्र11:3412:36दिन
बुध12:3613:38दिन
चंद्र13:3814:40दिन
शनि14:4015:42दिन
गुरु15:4216:43दिन
मंगल16:4317:45दिन
सूर्य17:4518:47दिन
शुक्र18:4719:45रात
बुध19:4520:43रात
चंद्र20:4321:41रात
शनि21:4122:39रात
गुरु22:3923:37रात
मंगल23:3700:35रात
सूर्य00:3501:33रात
शुक्र01:3302:32रात
बुध02:3203:30रात
चंद्र03:3004:28रात
शनि04:2805:26रात
गुरु05:2606:24रात

अयनांश 24.2236° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।