7 सितंबर 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

सोमवार, 7 सितंबर 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 7 सितंबर 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (17:04 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (18:14 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 18:45 पर है। राहुकाल 07:47 से 09:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 18:45
रात 06:14 तक
तिथि
एकादशी, 17:04 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 18:14 तक
पुष्य
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:13 – 07:47शुभ
काल07:47 – 09:21टालें
शुभ09:21 – 10:55शुभ
रोग10:55 – 12:29टालें
उद्वेग12:29 – 14:03टालें
चर14:03 – 15:37सामान्य
लाभ15:37 – 17:11शुभ
अमृत17:11 – 18:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:45 – 20:11सामान्य
रोग20:11 – 21:37टालें
काल21:37 – 23:03टालें
लाभ23:03 – 00:29शुभ
उद्वेग00:29 – 01:56टालें
शुभ01:56 – 03:22शुभ
अमृत03:22 – 04:48शुभ
चर04:48 – 06:14सामान्य

7 सितंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 17:04 तक
कृष्ण द्वादशी 14:43, 8 सित॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 16:39, 8 सित॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 06:41 तक
वरीयान 03:38, 8 सित॰ तक
परिघअशुभ 00:40, 9 सित॰ तक
करण
बव 06:16 तक
बालव 17:04 तक
कौलव 03:53, 8 सित॰ तक
तैतिल 14:43, 8 सित॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 12:38 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:45
चंद्रोदय
01:52
चंद्रास्त
16:11
दिनमान
12h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
07:47 – 09:21
यमगंड
10:55 – 12:29
गुलिक काल
14:03 – 15:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1307:16दिन
शनि07:1608:19दिन
गुरु08:1909:21दिन
मंगल09:2110:24दिन
सूर्य10:2411:27दिन
शुक्र11:2712:29दिन
बुध12:2913:32दिन
चंद्र13:3214:34दिन
शनि14:3415:37दिन
गुरु15:3716:40दिन
मंगल16:4017:42दिन
सूर्य17:4218:45दिन
शुक्र18:4519:42रात
बुध19:4220:40रात
चंद्र20:4021:37रात
शनि21:3722:35रात
गुरु22:3523:32रात
मंगल23:3200:29रात
सूर्य00:2901:27रात
शुक्र01:2702:24रात
बुध02:2403:22रात
चंद्र03:2204:19रात
शनि04:1905:16रात
गुरु05:1606:14रात

अयनांश 24.2298° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।