24 अक्टूबर 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 24 अक्टूबर 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (13:37 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (20:32 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 09:25 से 10:50 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 17:55
रात 06:36 तक
तिथि
त्रयोदशी, 13:37 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 20:32 तक
रेवती
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:35 – 08:00टालें
शुभ08:00 – 09:25शुभ
रोग09:25 – 10:50टालें
उद्वेग10:50 – 12:15टालें
चर12:15 – 13:40सामान्य
लाभ13:40 – 15:05शुभ
अमृत15:05 – 16:30शुभ
काल16:30 – 17:55टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:55 – 19:30शुभ
उद्वेग19:30 – 21:05टालें
शुभ21:05 – 22:41शुभ
अमृत22:41 – 00:16शुभ
चर00:16 – 01:51सामान्य
रोग01:51 – 03:26टालें
काल03:26 – 05:01टालें
लाभ05:01 – 06:36शुभ

24 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 13:37 तक
शुक्ल चतुर्दशी 11:56, 25 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रेवती 19:22, 25 अक्टू॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 20:01 तक
हर्षण 17:22, 25 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 13:37 तक
गर 00:51, 25 अक्टू॰ तक
वणिज 11:56, 25 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
16:34
चंद्रास्त
04:30
दिनमान
11h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:38

अशुभ समय

राहुकाल
09:25 – 10:50
यमगंड
13:40 – 15:05
गुलिक काल
06:35 – 08:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3507:32दिन
गुरु07:3208:29दिन
मंगल08:2909:25दिन
सूर्य09:2510:22दिन
शुक्र10:2211:19दिन
बुध11:1912:15दिन
चंद्र12:1513:12दिन
शनि13:1214:09दिन
गुरु14:0915:05दिन
मंगल15:0516:02दिन
सूर्य16:0216:59दिन
शुक्र16:5917:55दिन
बुध17:5518:59रात
चंद्र18:5920:02रात
शनि20:0221:05रात
गुरु21:0522:09रात
मंगल22:0923:12रात
सूर्य23:1200:16रात
शुक्र00:1601:19रात
बुध01:1902:22रात
चंद्र02:2203:26रात
शनि03:2604:29रात
गुरु04:2905:33रात
मंगल05:3306:36रात

अयनांश 24.2316° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।