14 दिसंबर 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

सोमवार, 14 दिसंबर 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 14 दिसंबर 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (19:16 तक), नक्षत्र श्रवण (09:12 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 07:11 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 08:30 से 09:48 तक है।

दिन और रात
दिन 07:11 – 17:41
रात 07:12 तक
तिथि
पंचमी, 19:16 तक
षष्ठी
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:11 – 08:30शुभ
काल08:30 – 09:48टालें
शुभ09:48 – 11:07शुभ
रोग11:07 – 12:26टालें
उद्वेग12:26 – 13:45टालें
चर13:45 – 15:03सामान्य
लाभ15:03 – 16:22शुभ
अमृत16:22 – 17:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:41 – 19:22सामान्य
रोग19:22 – 21:03टालें
काल21:03 – 22:45टालें
लाभ22:45 – 00:26शुभ
उद्वेग00:26 – 02:07टालें
शुभ02:07 – 03:49शुभ
अमृत03:49 – 05:30शुभ
चर05:30 – 07:12सामान्य

14 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 19:16 तक
शुक्ल षष्ठी 21:19, 15 दिस॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 09:12 तक
धनिष्ठा 11:53, 15 दिस॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 13:04 तक
हर्षण 13:38, 15 दिस॰ तक
करण
बालव 19:16 तक
कौलव 08:22, 15 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मकर 22:35 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:11
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
10:56
चंद्रास्त
22:16
दिनमान
10h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
08:30 – 09:48
यमगंड
11:07 – 12:26
गुलिक काल
13:45 – 15:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1108:03दिन
शनि08:0308:56दिन
गुरु08:5609:48दिन
मंगल09:4810:41दिन
सूर्य10:4111:33दिन
शुक्र11:3312:26दिन
बुध12:2613:18दिन
चंद्र13:1814:11दिन
शनि14:1115:03दिन
गुरु15:0315:56दिन
मंगल15:5616:48दिन
सूर्य16:4817:41दिन
शुक्र17:4118:48रात
बुध18:4819:56रात
चंद्र19:5621:03रात
शनि21:0322:11रात
गुरु22:1123:19रात
मंगल23:1900:26रात
सूर्य00:2601:34रात
शुक्र01:3402:41रात
बुध02:4103:49रात
चंद्र03:4904:56रात
शनि04:5606:04रात
गुरु06:0407:12रात

अयनांश 24.2335° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।