16 दिसंबर 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

बुधवार, 16 दिसंबर 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 16 दिसंबर 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (22:46 तक), नक्षत्र शतभिषा (14:02 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 07:12 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 12:27 से 13:45 तक है।

दिन और रात
दिन 07:12 – 17:41
रात 07:13 तक
तिथि
सप्तमी, 22:46 तक
अष्टमी
नक्षत्र
शतभिषा, 14:02 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:12 – 08:31शुभ
अमृत08:31 – 09:49शुभ
काल09:49 – 11:08टालें
शुभ11:08 – 12:27शुभ
रोग12:27 – 13:45टालें
उद्वेग13:45 – 15:04टालें
चर15:04 – 16:23सामान्य
लाभ16:23 – 17:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:41 – 19:23टालें
शुभ19:23 – 21:04शुभ
अमृत21:04 – 22:46शुभ
चर22:46 – 00:27सामान्य
रोग00:27 – 02:08टालें
काल02:08 – 03:50टालें
लाभ03:50 – 05:31शुभ
उद्वेग05:31 – 07:13टालें

16 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 22:46 तक
शुक्ल अष्टमी 23:26, 17 दिस॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 14:02 तक
पूर्वा भाद्रपद 15:30, 17 दिस॰ तक
योग
वज्रअशुभ 13:46 तक
सिद्धि 13:21, 17 दिस॰ तक
करण
गर 10:08 तक
वणिज 22:46 तक
विष्टि (भद्रा) 11:12, 17 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:12
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
11:57
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
10h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:24 – 06:18
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:48 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:27 – 13:45
यमगंड
08:31 – 09:49
गुलिक काल
11:08 – 12:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:1208:05दिन
चंद्र08:0508:57दिन
शनि08:5709:49दिन
गुरु09:4910:42दिन
मंगल10:4211:34दिन
सूर्य11:3412:27दिन
शुक्र12:2713:19दिन
बुध13:1914:12दिन
चंद्र14:1215:04दिन
शनि15:0415:57दिन
गुरु15:5716:49दिन
मंगल16:4917:41दिन
सूर्य17:4118:49रात
शुक्र18:4919:57रात
बुध19:5721:04रात
चंद्र21:0422:12रात
शनि22:1223:19रात
गुरु23:1900:27रात
मंगल00:2701:35रात
सूर्य01:3502:42रात
शुक्र02:4203:50रात
बुध03:5004:57रात
चंद्र04:5706:05रात
शनि06:0507:13रात

अयनांश 24.2336° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।