10 फ़रवरी 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

बुधवार, 10 फ़रवरी 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 10 फ़रवरी 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (03:05, 11 फ़र॰ तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (04:56, 11 फ़र॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:11 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है। राहुकाल 12:46 से 14:09 तक है।

दिन और रात
दिन 07:11 – 18:20
रात 07:10 तक
तिथि
चतुर्थी, 03:05 तक
पंचमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 04:56 तक
रेवती
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:11 – 08:35शुभ
अमृत08:35 – 09:58शुभ
काल09:58 – 11:22टालें
शुभ11:22 – 12:46शुभ
रोग12:46 – 14:09टालें
उद्वेग14:09 – 15:33टालें
चर15:33 – 16:56सामान्य
लाभ16:56 – 18:20शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:20 – 19:56टालें
शुभ19:56 – 21:33शुभ
अमृत21:33 – 23:09शुभ
चर23:09 – 00:45सामान्य
रोग00:45 – 02:22टालें
काल02:22 – 03:58टालें
लाभ03:58 – 05:34शुभ
उद्वेग05:34 – 07:10टालें

10 फ़रवरी 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 03:05, 11 फ़र॰ तक
शुक्ल पंचमी 03:18, 12 फ़र॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 04:56, 11 फ़र॰ तक
रेवती 05:42, 12 फ़र॰ तक
योग
सिद्ध 21:13 तक
साध्य 20:20, 11 फ़र॰ तक
करण
वणिज 14:46 तक
विष्टि (भद्रा) 03:05, 11 फ़र॰ तक
बव 15:15, 11 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:11
सूर्यास्त
18:20
चंद्रोदय
09:01
चंद्रास्त
21:41
दिनमान
11h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:28 – 06:20
अभिजीत मुहूर्त
12:23 – 13:08 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:46 – 14:09
यमगंड
08:35 – 09:58
गुलिक काल
11:22 – 12:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:1108:07दिन
चंद्र08:0709:03दिन
शनि09:0309:58दिन
गुरु09:5810:54दिन
मंगल10:5411:50दिन
सूर्य11:5012:46दिन
शुक्र12:4613:41दिन
बुध13:4114:37दिन
चंद्र14:3715:33दिन
शनि15:3316:29दिन
गुरु16:2917:24दिन
मंगल17:2418:20दिन
सूर्य18:2019:24रात
शुक्र19:2420:29रात
बुध20:2921:33रात
चंद्र21:3322:37रात
शनि22:3723:41रात
गुरु23:4100:45रात
मंगल00:4501:49रात
सूर्य01:4902:54रात
शुक्र02:5403:58रात
बुध03:5805:02रात
चंद्र05:0206:06रात
शनि06:0607:10रात

अयनांश 24.2358° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।