12 फ़रवरी 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (02:59, 13 फ़र॰ तक), नक्षत्र अश्विनी (05:56, 13 फ़र॰ तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 07:10 पर और सूर्यास्त 18:22 पर है। राहुकाल 11:22 से 12:46 तक है।

दिन और रात
दिन 07:10 – 18:22
रात 07:09 तक
तिथि
षष्ठी, 02:59 तक
सप्तमी
नक्षत्र
अश्विनी, 05:56 तक
भरणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:10 – 08:34सामान्य
लाभ08:34 – 09:58शुभ
अमृत09:58 – 11:22शुभ
काल11:22 – 12:46टालें
शुभ12:46 – 14:10शुभ
रोग14:10 – 15:34टालें
उद्वेग15:34 – 16:58टालें
चर16:58 – 18:22सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:22 – 19:57टालें
काल19:57 – 21:33टालें
लाभ21:33 – 23:09शुभ
उद्वेग23:09 – 00:45टालें
शुभ00:45 – 02:21शुभ
अमृत02:21 – 03:57शुभ
चर03:57 – 05:33सामान्य
रोग05:33 – 07:09टालें

12 फ़रवरी 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 02:59, 13 फ़र॰ तक
शुक्ल सप्तमी 02:07, 14 फ़र॰ तक
नक्षत्र
अश्विनी 05:56, 13 फ़र॰ तक
भरणी 05:37, 14 फ़र॰ तक
योग
शुभ 19:02 तक
शुक्ल 17:18, 13 फ़र॰ तक
करण
कौलव 15:13 तक
तैतिल 02:59, 13 फ़र॰ तक
गर 14:37, 13 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:10
सूर्यास्त
18:22
चंद्रोदय
10:05
चंद्रास्त
23:37
दिनमान
11h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:27 – 06:19
अभिजीत मुहूर्त
12:23 – 13:08

अशुभ समय

राहुकाल
11:22 – 12:46
यमगंड
15:34 – 16:58
गुलिक काल
08:34 – 09:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:1008:06दिन
बुध08:0609:02दिन
चंद्र09:0209:58दिन
शनि09:5810:54दिन
गुरु10:5411:50दिन
मंगल11:5012:46दिन
सूर्य12:4613:42दिन
शुक्र13:4214:38दिन
बुध14:3815:34दिन
चंद्र15:3416:30दिन
शनि16:3017:26दिन
गुरु17:2618:22दिन
मंगल18:2219:25रात
सूर्य19:2520:29रात
शुक्र20:2921:33रात
बुध21:3322:37रात
चंद्र22:3723:41रात
शनि23:4100:45रात
गुरु00:4501:49रात
मंगल01:4902:53रात
सूर्य02:5303:57रात
शुक्र03:5705:01रात
बुध05:0106:05रात
चंद्र06:0507:09रात

अयनांश 24.2358° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।