11 मार्च 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 11 मार्च 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 11 मार्च 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (15:37 तक), नक्षत्र रेवती (11:20 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:45 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 14:11 से 15:40 तक है।

दिन और रात
दिन 06:45 – 18:38
रात 06:44 तक
तिथि
तृतीया, 15:37 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
रेवती, 11:20 तक
अश्विनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:45 – 08:14शुभ
रोग08:14 – 09:44टालें
उद्वेग09:44 – 11:13टालें
चर11:13 – 12:42सामान्य
लाभ12:42 – 14:11शुभ
अमृत14:11 – 15:40शुभ
काल15:40 – 17:09टालें
शुभ17:09 – 18:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:38 – 20:09शुभ
चर20:09 – 21:39सामान्य
रोग21:39 – 23:10टालें
काल23:10 – 00:41टालें
लाभ00:41 – 02:12शुभ
उद्वेग02:12 – 03:43टालें
शुभ03:43 – 05:14शुभ
अमृत05:14 – 06:44शुभ

11 मार्च 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 15:37 तक
शुक्ल चतुर्थी 14:57, 12 मार्च तक
नक्षत्र
रेवती 11:20 तक
अश्विनी 11:22, 12 मार्च तक
योग
ब्रह्म 23:22 तक
इंद्र 21:34, 12 मार्च तक
करण
गर 15:37 तक
वणिज 03:20, 12 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 14:57, 12 मार्च तक
चंद्र राशि
मीन 11:20 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:45
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
08:07
चंद्रास्त
21:31
दिनमान
11h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
12:18 – 13:05

अशुभ समय

राहुकाल
14:11 – 15:40
यमगंड
06:45 – 08:14
गुलिक काल
09:44 – 11:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4507:45दिन
मंगल07:4508:44दिन
सूर्य08:4409:44दिन
शुक्र09:4410:43दिन
बुध10:4311:42दिन
चंद्र11:4212:42दिन
शनि12:4213:41दिन
गुरु13:4114:40दिन
मंगल14:4015:40दिन
सूर्य15:4016:39दिन
शुक्र16:3917:38दिन
बुध17:3818:38दिन
चंद्र18:3819:38रात
शनि19:3820:39रात
गुरु20:3921:39रात
मंगल21:3922:40रात
सूर्य22:4023:41रात
शुक्र23:4100:41रात
बुध00:4101:42रात
चंद्र01:4202:42रात
शनि02:4203:43रात
गुरु03:4304:43रात
मंगल04:4305:44रात
सूर्य05:4406:44रात

अयनांश 24.2369° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।