14 मार्च 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 14 मार्च 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 14 मार्च 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (12:32 तक), नक्षत्र कृत्तिका (10:23 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 17:10 से 18:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 18:39
रात 06:41 तक
तिथि
षष्ठी, 12:32 तक
सप्तमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 10:23 तक
रोहिणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:42 – 08:12टालें
चर08:12 – 09:42सामान्य
लाभ09:42 – 11:11शुभ
अमृत11:11 – 12:41शुभ
काल12:41 – 14:10टालें
शुभ14:10 – 15:40शुभ
रोग15:40 – 17:10टालें
उद्वेग17:10 – 18:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:39 – 20:10शुभ
अमृत20:10 – 21:40शुभ
चर21:40 – 23:10सामान्य
रोग23:10 – 00:40टालें
काल00:40 – 02:11टालें
लाभ02:11 – 03:41शुभ
उद्वेग03:41 – 05:11टालें
शुभ05:11 – 06:41शुभ

14 मार्च 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 12:32 तक
शुक्ल सप्तमी 10:51, 15 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 09:26, 15 मार्च तक
योग
विष्कंभअशुभ 17:10 तक
प्रीति 14:37, 15 मार्च तक
करण
तैतिल 12:32 तक
गर 23:44 तक
वणिज 10:51, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
10:14
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
12:17 – 13:05

अशुभ समय

राहुकाल
17:10 – 18:39
यमगंड
12:41 – 14:10
गुलिक काल
15:40 – 17:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4207:42दिन
शुक्र07:4208:42दिन
बुध08:4209:42दिन
चंद्र09:4210:41दिन
शनि10:4111:41दिन
गुरु11:4112:41दिन
मंगल12:4113:41दिन
सूर्य13:4114:40दिन
शुक्र14:4015:40दिन
बुध15:4016:40दिन
चंद्र16:4017:40दिन
शनि17:4018:39दिन
गुरु18:3919:39रात
मंगल19:3920:40रात
सूर्य20:4021:40रात
शुक्र21:4022:40रात
बुध22:4023:40रात
चंद्र23:4000:40रात
शनि00:4001:40रात
गुरु01:4002:41रात
मंगल02:4103:41रात
सूर्य03:4104:41रात
शुक्र04:4105:41रात
बुध05:4106:41रात

अयनांश 24.2370° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।