1 अप्रैल 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 1 अप्रैल 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 1 अप्रैल 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (00:45, 2 अप्रैल तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (09:25 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 14:09 से 15:42 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 18:48
रात 06:22 तक
तिथि
दशमी, 00:45 तक
एकादशी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:23 – 07:56शुभ
रोग07:56 – 09:29टालें
उद्वेग09:29 – 11:02टालें
चर11:02 – 12:35सामान्य
लाभ12:35 – 14:09शुभ
अमृत14:09 – 15:42शुभ
काल15:42 – 17:15टालें
शुभ17:15 – 18:48शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:48 – 20:15शुभ
चर20:15 – 21:42सामान्य
रोग21:42 – 23:08टालें
काल23:08 – 00:35टालें
लाभ00:35 – 02:02शुभ
उद्वेग02:02 – 03:28टालें
शुभ03:28 – 04:55शुभ
अमृत04:55 – 06:22शुभ

1 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण दशमी 00:45, 2 अप्रैल तक
कृष्ण एकादशी 02:52, 3 अप्रैल तक
नक्षत्र
श्रवण 12:16, 2 अप्रैल तक
योग
शिव 08:52 तक
सिद्ध 09:41, 2 अप्रैल तक
करण
वणिज 11:33 तक
विष्टि (भद्रा) 00:45, 2 अप्रैल तक
बव 13:52, 2 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
02:55
चंद्रास्त
13:48
दिनमान
12h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:37
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
14:09 – 15:42
यमगंड
06:23 – 07:56
गुलिक काल
09:29 – 11:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2307:25दिन
मंगल07:2508:27दिन
सूर्य08:2709:29दिन
शुक्र09:2910:31दिन
बुध10:3111:33दिन
चंद्र11:3312:35दिन
शनि12:3513:38दिन
गुरु13:3814:40दिन
मंगल14:4015:42दिन
सूर्य15:4216:44दिन
शुक्र16:4417:46दिन
बुध17:4618:48दिन
चंद्र18:4819:46रात
शनि19:4620:44रात
गुरु20:4421:42रात
मंगल21:4222:39रात
सूर्य22:3923:37रात
शुक्र23:3700:35रात
बुध00:3501:33रात
चंद्र01:3302:31रात
शनि02:3103:28रात
गुरु03:2804:26रात
मंगल04:2605:24रात
सूर्य05:2406:22रात

अयनांश 24.2377° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।