27 अप्रैल 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 27 अप्रैल 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 27 अप्रैल 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (09:57 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (14:25 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 19:01 पर है। राहुकाल 15:45 से 17:23 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 19:01
रात 05:56 तक
तिथि
षष्ठी, 09:57 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 14:25 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:57 – 07:35टालें
उद्वेग07:35 – 09:13टालें
चर09:13 – 10:51सामान्य
लाभ10:51 – 12:29शुभ
अमृत12:29 – 14:07शुभ
काल14:07 – 15:45टालें
शुभ15:45 – 17:23शुभ
रोग17:23 – 19:01टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:01 – 20:23टालें
लाभ20:23 – 21:45शुभ
उद्वेग21:45 – 23:07टालें
शुभ23:07 – 00:29शुभ
अमृत00:29 – 01:51शुभ
चर01:51 – 03:13सामान्य
रोग03:13 – 04:35टालें
काल04:35 – 05:56टालें

27 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 09:57 तक
कृष्ण सप्तमी 12:31, 28 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 17:30, 28 अप्रैल तक
योग
सिद्ध 15:42 तक
साध्य 16:44, 28 अप्रैल तक
करण
वणिज 09:57 तक
विष्टि (भद्रा) 23:13 तक
बव 12:31, 28 अप्रैल तक
चंद्र राशि
धनु 21:11 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
19:01
चंद्रोदय
00:10
चंद्रास्त
10:43
दिनमान
13h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
15:45 – 17:23
यमगंड
09:13 – 10:51
गुलिक काल
12:29 – 14:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5707:03दिन
सूर्य07:0308:08दिन
शुक्र08:0809:13दिन
बुध09:1310:19दिन
चंद्र10:1911:24दिन
शनि11:2412:29दिन
गुरु12:2913:35दिन
मंगल13:3514:40दिन
सूर्य14:4015:45दिन
शुक्र15:4516:50दिन
बुध16:5017:56दिन
चंद्र17:5619:01दिन
शनि19:0119:56रात
गुरु19:5620:50रात
मंगल20:5021:45रात
सूर्य21:4522:40रात
शुक्र22:4023:34रात
बुध23:3400:29रात
चंद्र00:2901:23रात
शनि01:2302:18रात
गुरु02:1803:13रात
मंगल03:1304:07रात
सूर्य04:0705:02रात
शुक्र05:0205:56रात

अयनांश 24.2387° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।