3 मई 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

सोमवार, 3 मई 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 3 मई 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (20:04 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (03:19, 4 मई तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 19:04 पर है। राहुकाल 07:31 से 09:10 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 19:04
रात 05:52 तक
तिथि
द्वादशी, 20:04 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 03:19 तक
रेवती
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 मई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:52 – 07:31शुभ
काल07:31 – 09:10टालें
शुभ09:10 – 10:49शुभ
रोग10:49 – 12:28टालें
उद्वेग12:28 – 14:07टालें
चर14:07 – 15:46सामान्य
लाभ15:46 – 17:25शुभ
अमृत17:25 – 19:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:04 – 20:25सामान्य
रोग20:25 – 21:46टालें
काल21:46 – 23:07टालें
लाभ23:07 – 00:28शुभ
उद्वेग00:28 – 01:49टालें
शुभ01:49 – 03:10शुभ
अमृत03:10 – 04:31शुभ
चर04:31 – 05:52सामान्य

3 मई 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 20:04 तक
कृष्ण त्रयोदशी 19:31, 4 मई तक
नक्षत्र
रेवती 03:15, 5 मई तक
योग
वैधृतिअशुभ 17:39 तक
विष्कंभअशुभ 16:14, 4 मई तक
करण
कौलव 08:04 तक
तैतिल 20:04 तक
गर 07:53, 4 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
19:04
चंद्रोदय
03:32
चंद्रास्त
16:09
दिनमान
13h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:09
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
07:31 – 09:10
यमगंड
10:49 – 12:28
गुलिक काल
14:07 – 15:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5206:58दिन
शनि06:5808:04दिन
गुरु08:0409:10दिन
मंगल09:1010:16दिन
सूर्य10:1611:22दिन
शुक्र11:2212:28दिन
बुध12:2813:34दिन
चंद्र13:3414:40दिन
शनि14:4015:46दिन
गुरु15:4616:52दिन
मंगल16:5217:58दिन
सूर्य17:5819:04दिन
शुक्र19:0419:58रात
बुध19:5820:52रात
चंद्र20:5221:46रात
शनि21:4622:40रात
गुरु22:4023:34रात
मंगल23:3400:28रात
सूर्य00:2801:22रात
शुक्र01:2202:16रात
बुध02:1603:10रात
चंद्र03:1004:04रात
शनि04:0404:58रात
गुरु04:5805:52रात

अयनांश 24.2389° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।