17 सितंबर 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 17 सितंबर 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 17 सितंबर 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (06:44, 18 सित॰ तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (15:29 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है। राहुकाल 10:54 से 12:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 18:34
रात 06:18 तक
तिथि
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 15:29 तक
रेवती
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:18 – 07:50सामान्य
लाभ07:50 – 09:22शुभ
अमृत09:22 – 10:54शुभ
काल10:54 – 12:26टालें
शुभ12:26 – 13:58शुभ
रोग13:58 – 15:30टालें
उद्वेग15:30 – 17:02टालें
चर17:02 – 18:34सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:34 – 20:02टालें
काल20:02 – 21:30टालें
लाभ21:30 – 22:58शुभ
उद्वेग22:58 – 00:26टालें
शुभ00:26 – 01:54शुभ
अमृत01:54 – 03:22शुभ
चर03:22 – 04:50सामान्य
रोग04:50 – 06:18टालें

17 सितंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 06:44, 18 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 16:47, 18 सित॰ तक
योग
गंडअशुभ 09:27 तक
वृद्धि 09:03, 18 सित॰ तक
करण
तैतिल 18:21 तक
गर 06:44, 18 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
18:34
चंद्रोदय
19:08
चंद्रास्त
07:19
दिनमान
12h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
10:54 – 12:26
यमगंड
15:30 – 17:02
गुलिक काल
07:50 – 09:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1807:19दिन
बुध07:1908:20दिन
चंद्र08:2009:22दिन
शनि09:2210:23दिन
गुरु10:2311:24दिन
मंगल11:2412:26दिन
सूर्य12:2613:27दिन
शुक्र13:2714:28दिन
बुध14:2815:30दिन
चंद्र15:3016:31दिन
शनि16:3117:33दिन
गुरु17:3318:34दिन
मंगल18:3419:33रात
सूर्य19:3320:31रात
शुक्र20:3121:30रात
बुध21:3022:29रात
चंद्र22:2923:27रात
शनि23:2700:26रात
गुरु00:2601:25रात
मंगल01:2502:23रात
सूर्य02:2303:22रात
शुक्र03:2204:21रात
बुध04:2105:19रात
चंद्र05:1906:18रात

अयनांश 24.2441° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।