15 अक्टूबर 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 15 अक्टूबर 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (19:16 तक), नक्षत्र रेवती (23:29 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 10:50 से 12:17 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 18:04
रात 06:31 तक
तिथि
पूर्णिमा, 19:16 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
रेवती, 23:29 तक
अश्विनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:30 – 07:57सामान्य
लाभ07:57 – 09:24शुभ
अमृत09:24 – 10:50शुभ
काल10:50 – 12:17टालें
शुभ12:17 – 13:44शुभ
रोग13:44 – 15:10टालें
उद्वेग15:10 – 16:37टालें
चर16:37 – 18:04सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:04 – 19:37टालें
काल19:37 – 21:10टालें
लाभ21:10 – 22:44शुभ
उद्वेग22:44 – 00:17टालें
शुभ00:17 – 01:51शुभ
अमृत01:51 – 03:24शुभ
चर03:24 – 04:57सामान्य
रोग04:57 – 06:31टालें

15 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
पूर्णिमा 19:16 तक
कृष्ण प्रतिपदा 19:13, 16 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रेवती 23:29 तक
अश्विनी 23:59, 16 अक्टू॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 15:35 तक
हर्षण 14:29, 16 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:07 तक
बव 19:16 तक
बालव 07:18, 16 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मीन 23:29 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
17:42
चंद्रास्त
06:06
दिनमान
11h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:51 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
10:50 – 12:17
यमगंड
15:10 – 16:37
गुलिक काल
07:57 – 09:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3007:28दिन
बुध07:2808:26दिन
चंद्र08:2609:24दिन
शनि09:2410:21दिन
गुरु10:2111:19दिन
मंगल11:1912:17दिन
सूर्य12:1713:15दिन
शुक्र13:1514:13दिन
बुध14:1315:10दिन
चंद्र15:1016:08दिन
शनि16:0817:06दिन
गुरु17:0618:04दिन
मंगल18:0419:06रात
सूर्य19:0620:08रात
शुक्र20:0821:10रात
बुध21:1022:13रात
चंद्र22:1323:15रात
शनि23:1500:17रात
गुरु00:1701:20रात
मंगल01:2002:22रात
सूर्य02:2203:24रात
शुक्र03:2404:26रात
बुध04:2605:29रात
चंद्र05:2906:31रात

अयनांश 24.2452° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।