8 नवंबर 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

सोमवार, 8 नवंबर 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 8 नवंबर 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (07:35, 9 नव॰ तक), नक्षत्र शतभिषा (03:14, 9 नव॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:45 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है। राहुकाल 08:07 से 09:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:45 – 17:45
रात 06:46 तक
तिथि
दशमी
नक्षत्र
शतभिषा, 03:14 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:45 – 08:07शुभ
काल08:07 – 09:30टालें
शुभ09:30 – 10:52शुभ
रोग10:52 – 12:15टालें
उद्वेग12:15 – 13:37टालें
चर13:37 – 15:00सामान्य
लाभ15:00 – 16:22शुभ
अमृत16:22 – 17:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:45 – 19:22सामान्य
रोग19:22 – 21:00टालें
काल21:00 – 22:38टालें
लाभ22:38 – 00:15शुभ
उद्वेग00:15 – 01:53टालें
शुभ01:53 – 03:30शुभ
अमृत03:30 – 05:08शुभ
चर05:08 – 06:46सामान्य

8 नवंबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल दशमी 07:35, 9 नव॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 03:14, 9 नव॰ तक
पूर्वा भाद्रपद 05:27, 10 नव॰ तक
योग
ध्रुव 23:32 तक
व्याघातअशुभ 23:51, 9 नव॰ तक
करण
तैतिल 18:33 तक
गर 07:35, 9 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:45
सूर्यास्त
17:45
चंद्रोदय
14:08
चंद्रास्त
01:16
दिनमान
11h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:01 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
08:07 – 09:30
यमगंड
10:52 – 12:15
गुलिक काल
13:37 – 15:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4507:40दिन
शनि07:4008:35दिन
गुरु08:3509:30दिन
मंगल09:3010:25दिन
सूर्य10:2511:20दिन
शुक्र11:2012:15दिन
बुध12:1513:10दिन
चंद्र13:1014:05दिन
शनि14:0515:00दिन
गुरु15:0015:55दिन
मंगल15:5516:50दिन
सूर्य16:5017:45दिन
शुक्र17:4518:50रात
बुध18:5019:55रात
चंद्र19:5521:00रात
शनि21:0022:05रात
गुरु22:0523:10रात
मंगल23:1000:15रात
सूर्य00:1501:20रात
शुक्र01:2002:25रात
बुध02:2503:30रात
चंद्र03:3004:35रात
शनि04:3505:41रात
गुरु05:4106:46रात

अयनांश 24.2461° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।