23 नवंबर 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

मंगलवार, 23 नवंबर 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 23 नवंबर 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (13:45 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (19:43 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:56 पर और सूर्यास्त 17:39 पर है। राहुकाल 14:58 से 16:19 तक है।

दिन और रात
दिन 06:56 – 17:39
रात 06:57 तक
तिथि
दशमी, 13:45 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 19:43 तक
हस्त
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:56 – 08:16टालें
उद्वेग08:16 – 09:37टालें
चर09:37 – 10:57सामान्य
लाभ10:57 – 12:17शुभ
अमृत12:17 – 13:38शुभ
काल13:38 – 14:58टालें
शुभ14:58 – 16:19शुभ
रोग16:19 – 17:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:39 – 19:19टालें
लाभ19:19 – 20:58शुभ
उद्वेग20:58 – 22:38टालें
शुभ22:38 – 00:18शुभ
अमृत00:18 – 01:58शुभ
चर01:58 – 03:37सामान्य
रोग03:37 – 05:17टालें
काल05:17 – 06:57टालें

23 नवंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण दशमी 13:45 तक
कृष्ण एकादशी 12:11, 24 नव॰ तक
नक्षत्र
हस्त 18:53, 24 नव॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 14:08 तक
प्रीति 11:40, 24 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:45 तक
बव 00:57, 24 नव॰ तक
बालव 12:11, 24 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:56
सूर्यास्त
17:39
चंद्रोदय
02:00
चंद्रास्त
14:11
दिनमान
10h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 06:03
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
14:58 – 16:19
यमगंड
09:37 – 10:57
गुलिक काल
12:17 – 13:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5607:49दिन
सूर्य07:4908:43दिन
शुक्र08:4309:37दिन
बुध09:3710:30दिन
चंद्र10:3011:24दिन
शनि11:2412:17दिन
गुरु12:1713:11दिन
मंगल13:1114:05दिन
सूर्य14:0514:58दिन
शुक्र14:5815:52दिन
बुध15:5216:45दिन
चंद्र16:4517:39दिन
शनि17:3918:45रात
गुरु18:4519:52रात
मंगल19:5220:58रात
सूर्य20:5822:05रात
शुक्र22:0523:11रात
बुध23:1100:18रात
चंद्र00:1801:24रात
शनि01:2402:31रात
गुरु02:3103:37रात
मंगल03:3704:44रात
सूर्य04:4405:50रात
शुक्र05:5006:57रात

अयनांश 24.2467° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।