5 जनवरी 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

बुधवार, 5 जनवरी 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 5 जनवरी 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (19:50 तक), नक्षत्र रेवती (02:31, 6 जन॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 07:20 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 12:36 से 13:55 तक है।

दिन और रात
दिन 07:20 – 17:53
रात 07:20 तक
तिथि
अष्टमी, 19:50 तक
नवमी
नक्षत्र
रेवती, 02:31 तक
अश्विनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:20 – 08:39शुभ
अमृत08:39 – 09:58शुभ
काल09:58 – 11:17टालें
शुभ11:17 – 12:36शुभ
रोग12:36 – 13:55टालें
उद्वेग13:55 – 15:15टालें
चर15:15 – 16:34सामान्य
लाभ16:34 – 17:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:53 – 19:34टालें
शुभ19:34 – 21:15शुभ
अमृत21:15 – 22:56शुभ
चर22:56 – 00:37सामान्य
रोग00:37 – 02:18टालें
काल02:18 – 03:58टालें
लाभ03:58 – 05:39शुभ
उद्वेग05:39 – 07:20टालें

5 जनवरी 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 19:50 तक
शुक्ल नवमी 20:35, 6 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 02:31, 6 जन॰ तक
अश्विनी 03:35, 7 जन॰ तक
योग
परिघअशुभ 13:15 तक
शिव 12:50, 6 जन॰ तक
करण
बव 19:50 तक
बालव 08:18, 6 जन॰ तक
चंद्र राशि
मीन 02:31, 6 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:20
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
12:05
चंद्रास्त
00:25
दिनमान
10h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:32 – 06:26
अभिजीत मुहूर्त
12:15 – 12:58 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:36 – 13:55
यमगंड
08:39 – 09:58
गुलिक काल
11:17 – 12:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:2008:13दिन
चंद्र08:1309:06दिन
शनि09:0609:58दिन
गुरु09:5810:51दिन
मंगल10:5111:44दिन
सूर्य11:4412:36दिन
शुक्र12:3613:29दिन
बुध13:2914:22दिन
चंद्र14:2215:15दिन
शनि15:1516:07दिन
गुरु16:0717:00दिन
मंगल17:0017:53दिन
सूर्य17:5319:00रात
शुक्र19:0020:07रात
बुध20:0721:15रात
चंद्र21:1522:22रात
शनि22:2223:29रात
गुरु23:2900:37रात
मंगल00:3701:44रात
सूर्य01:4402:51रात
शुक्र02:5103:58रात
बुध03:5805:06रात
चंद्र05:0606:13रात
शनि06:1307:20रात

अयनांश 24.2483° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।