27 फ़रवरी 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

रविवार, 27 फ़रवरी 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 27 फ़रवरी 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (21:00 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (11:01 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:58 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 17:04 से 18:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:58 – 18:31
रात 06:57 तक
तिथि
द्वितीया, 21:00 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:58 – 08:24टालें
चर08:24 – 09:51सामान्य
लाभ09:51 – 11:18शुभ
अमृत11:18 – 12:44शुभ
काल12:44 – 14:11टालें
शुभ14:11 – 15:38शुभ
रोग15:38 – 17:04टालें
उद्वेग17:04 – 18:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:31 – 20:04शुभ
अमृत20:04 – 21:37शुभ
चर21:37 – 23:11सामान्य
रोग23:11 – 00:44टालें
काल00:44 – 02:17टालें
लाभ02:17 – 03:50शुभ
उद्वेग03:50 – 05:23टालें
शुभ05:23 – 06:57शुभ

27 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 21:00 तक
शुक्ल तृतीया 23:02, 28 फ़र॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 13:39, 28 फ़र॰ तक
योग
साध्य 22:19 तक
शुभ 22:48, 28 फ़र॰ तक
करण
बालव 07:52 तक
कौलव 21:00 तक
तैतिल 10:03, 28 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:58
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
07:40
चंद्रास्त
20:14
दिनमान
11h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 06:08
अभिजीत मुहूर्त
12:21 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
17:04 – 18:31
यमगंड
12:44 – 14:11
गुलिक काल
15:38 – 17:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:5807:55दिन
शुक्र07:5508:53दिन
बुध08:5309:51दिन
चंद्र09:5110:49दिन
शनि10:4911:46दिन
गुरु11:4612:44दिन
मंगल12:4413:42दिन
सूर्य13:4214:40दिन
शुक्र14:4015:38दिन
बुध15:3816:35दिन
चंद्र16:3517:33दिन
शनि17:3318:31दिन
गुरु18:3119:33रात
मंगल19:3320:35रात
सूर्य20:3521:37रात
शुक्र21:3722:40रात
बुध22:4023:42रात
चंद्र23:4200:44रात
शनि00:4401:46रात
गुरु01:4602:48रात
मंगल02:4803:50रात
सूर्य03:5004:52रात
शुक्र04:5205:55रात
बुध05:5506:57रात

अयनांश 24.2504° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।