26 फ़रवरी 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 26 फ़रवरी 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 26 फ़रवरी 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (18:40 तक), नक्षत्र शतभिषा (08:08 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 18:30 पर है। राहुकाल 09:51 से 11:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:59 – 18:30
रात 06:58 तक
तिथि
प्रतिपदा, 18:40 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:59 – 08:25टालें
शुभ08:25 – 09:51शुभ
रोग09:51 – 11:18टालें
उद्वेग11:18 – 12:44टालें
चर12:44 – 14:11सामान्य
लाभ14:11 – 15:37शुभ
अमृत15:37 – 17:04शुभ
काल17:04 – 18:30टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:30 – 20:04शुभ
उद्वेग20:04 – 21:37टालें
शुभ21:37 – 23:11शुभ
अमृत23:11 – 00:44शुभ
चर00:44 – 02:17सामान्य
रोग02:17 – 03:51टालें
काल03:51 – 05:24टालें
लाभ05:24 – 06:58शुभ

26 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 18:40 तक
शुक्ल द्वितीया 21:00, 27 फ़र॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 08:08 तक
पूर्वा भाद्रपद 11:01, 27 फ़र॰ तक
योग
सिद्ध 21:37 तक
साध्य 22:19, 27 फ़र॰ तक
करण
बव 18:40 तक
बालव 07:52, 27 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 04:19, 27 फ़र॰ तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
18:30
चंद्रोदय
07:11
चंद्रास्त
19:23
दिनमान
11h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:09
अभिजीत मुहूर्त
12:21 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
09:51 – 11:18
यमगंड
14:11 – 15:37
गुलिक काल
06:59 – 08:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5907:56दिन
गुरु07:5608:54दिन
मंगल08:5409:51दिन
सूर्य09:5110:49दिन
शुक्र10:4911:47दिन
बुध11:4712:44दिन
चंद्र12:4413:42दिन
शनि13:4214:40दिन
गुरु14:4015:37दिन
मंगल15:3716:35दिन
सूर्य16:3517:33दिन
शुक्र17:3318:30दिन
बुध18:3019:33रात
चंद्र19:3320:35रात
शनि20:3521:37रात
गुरु21:3722:39रात
मंगल22:3923:42रात
सूर्य23:4200:44रात
शुक्र00:4401:46रात
बुध01:4602:49रात
चंद्र02:4903:51रात
शनि03:5104:53रात
गुरु04:5305:55रात
मंगल05:5506:58रात

अयनांश 24.2503° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।